पिछले हफ्ते हमने भारत की खूबसूरत धरती गुजरात के अनोखे स्वाद की चर्चा आप से की थी। वहीं आज हम जिक्र करेंगे गुजरात की पावन धरती की अनोखी खूबसूरती के विषय में।

देश में गुजरात की पहचान देश के महापुरूषों की जन्मभूमि के नाम से होती है।

फिर चाहे बात राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की हो , लौह पुरूष वल्लभ भाई पटेल की हो या भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की। हर नाम के साथ गुजरात की खूबसूरती सजती है।

अभी कुछ समय पहले ही गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के साथ गुजरात का नाम विश्व भर में प्रख्यात हो गया। दुनिया का सबसे बड़ी प्रतिमा गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे बनायी गयी।

इस प्रतिमा को दुनिया की सभी प्रतिमाओं में ऊँची होने से गुजरात की खूबसूरती में चार चांद लग गए। देश ही नहीं विदेशों से भी पर्यटक आए दिन सरदार वल्लभ भाई पटेल के इस सबसे बड़ी प्रतिमा को देखने के लिए गुजरात राज्य में पहुँचते हैं।

इसके साथ ही बताते चलें कि भारत में महापुरुषों की यह जन्मभूमि अपनी अन्य खूबसूरती के लिए भी जानी जाती है। तो चलिए परिचय करवाते हैं आपका आज, गुजरात की खूबसूरती पर चार चांद लगाते बेहतरीन नज़ारों सेः

साबरमती आश्रमः गुजरात को राष्ट्रपिता गाँधी जी की पावन जन्म भूमि से जाना जाता है। यहाँ राष्ट्रपिता की खूबसूरत यादों को खुद में संजोए आज भी यादों का बेहतरीन नगमा है साबरमती आश्रम।

अहमदाबाद में साबरमती नदी के किनारे बनाया गया यह आश्रम वही स्थान जहाँ बापू ने देश के आज़ादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम का ताना-बाना बुना था।

यदि इतिहास के पन्नों पर बापू की खूबसूरत यादों को जानने के इच्छुक हैं तो गुजरात में यह एक बेहतरीन जगह आपके लिए हो सकती है।

श्री सोमनाथ ज्योर्लिंग मंदिरः गुजरात की पावन धरती की खूबसूरती को बढ़ाता है यहाँ स्थित आस्था की यह अनोखी धरोहर सोमनाथ ज्योर्लिंग मंदिर। गुजरात में स्थित इस खूबसूरत मंदिर का इतिहास भी बेहद खूबसूरत है।

मान्यता है कि सोम नाम चंद्र देव का हुआ करता था। उनके किसी गलत कार्य पर जब वे श्राप को भोग रहे थे तब उन्होंने विशेष अराधना से भगवान शिव को प्रसन्न किया था। इसके बाद ही चंद्र देव को सोम नाम मिला था।

मंदिर में पहुँचे भक्तों के लिए संपूर्ण विश्राम की व्यवस्था यहाँ मिलती है। गुजरात की खूबसूरती को संजोते इस मंदिर को गुजराती की खूबसूरती में शामिल किया ही जा सकता है।

रानी की वावः रानी की वाव गुजरात में स्थित खूबसूरत सीढ़ीदार कुँआ है। इस स्थान की अनोखी खूबसूरती के कारण ही इसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर के रूप में संरक्षण प्रदान किया है।

रानी की वाव के विषय में रोचक यह है कि इसका चित्र साल 2018 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 100 रुपये के नोट पर चित्रित किया गया था।

स्टेच्यु ऑफ यूनिटीः देश के लोह पुरूष माने जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में ‘स्टेच्यु ऑफ यूनिटी’ का निर्माण करवाया गया। इस विशाल प्रतिमा के निर्माण में लगभग 5 वर्षों का समय लगा है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की यह प्रतिमा 182 मीटर ऊँची होने के साथ ही दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा में शुमार हो चुकी है।
शिवानी कोटनाला