
भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत: विश्व चैंपियनशिप के चयन के लिए भोपाल में 14वीं राष्ट्रीय ‘पैरा कैनो’ चैंपियनशिप हुई। इस प्रतियोगिता में दिल्ली पैरा मेडल विजेता रोहित माथुर ने ब्रोंज मेडल जीता, उन्होंने दिल्ली से भाग लेने वाले सोनिया विहार वाटर स्पोर्ट्स क्लब के लिए 2 ब्रांज मेडल के लिए 2 रेस में जीत हासिल की। बता दें कि उन्होंने वीएल-3 एड केएल-3 200 मीटर रेस में भाग लिया। पैरा कैनो रेस में उन्होंने 1 मिनट 38 सेकंड में 200 मीटर की दूरी पर और 1 मिनट 34 सेकंड में वीएल 3 पूरा किया। भोपाल, मध्यप्रदेश में 16 से 18 जनवरी 2021 तक 14वीं पैरा नेशनल चैंपियनशिप और 16वीं कैनो मैराथन आयोजना को किया गया। वहीं 16वीं कैनो मैराथन में दिल्ली के प्रियांशु नगर ने 15 कि.मी. जूनियर वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने इस जीत के लिए पूरे जज्बे के साथ 1 घंटे 20 मिनट में 15 कि.मी. की दूरी तय की। प्रियांशु नागर को सीनियर कोच मनजीत सिंह ने दिल्ली के ‘सोनिया विहार वाटर स्पोर्ट्स क्लब’ में प्रशिक्षण दिया। इससे पहले उन्होंने 26वीं राष्ट्रीय मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया था।
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‘सोनिया विहार वाॅटर स्पोट्र्स क्लब’ के सचिव और प्रबंधक कौशल कुमार ने बताया कि यह इन दोनों की जीत दिल्ली के लिए बड़े गौरव की बात है। वहीं ‘दिल्ली क्याकिंग एंड कैना ऐसोसिएशन के सेक्रेटरी’ व सीनियर कोच मंजीत शेखावत को बच्चों पर गर्व था कि उनके लड़के आगे आने वाले विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर गए हैं, इसलिए आगे आने वाला चैलेंज और भी बड़ा है।
शेखावत के अनुसार वाॅटर खेलों के प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए हम टीम के लिए नावों को खरीदने की योजना बना रहे हैं। दिल्ली टीम और ‘सोनिया विहार वाॅटर स्पोट्र्स क्लब’ वाॅटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और उनके लड़के और लड़कियां जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित हैं, उन्हें क्लब में प्रशिक्षित किया गया और बाद में उन्होंने इस खेलों के द्वारा ही पैरा मिलिट्री फोर्स में नौकरियों को प्राप्त किया है।इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी टीम को सम्मानित किया।

भारत के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय खेल में ऐसे लड़कों और लड़कियों को अचीवर्स के रूप में प्राप्त करना गर्व का क्षण है। यह वाॅटर स्पोट्र्स हंगरी देश का राष्ट्रीय खेल है। बता दें कि क्लब की टीम और खिलाड़ियों द्वारा क्लब को सेल्फ फंडिंग के आधार पर बहुत पैसा लगाया गया है। अब समय आ गया है कि कुछ सरकारी एजेंसी उन्हें वित्तीय सहायता देना शुरू करें, जिससे आगे चलकर इन्हें वाॅटर स्पोट्र्स प्रशिक्षण में कोई रूकावट न आए, और आगे चलकर यह सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मेडल जीत कर भारत और दिल्ली को यूं ही गौरवांवित करते रहें।