
रफी साहब को आखिर कौन नहीं जानता, मोहम्मद रफी साहब का जन्म 24 दिसंबर 1924 को पंजाब कोटला सुल्तान सिंह नाम के एक गांव में हुआ था। बचपन से संगीत के शौकीन रहे रफी साहब 20 साल की उम्र में हिंदी फिल्म जगत में अपनी किस्मत आज़माने मुंबई पहुंचे थे। लेकिन ये कोई नहीं जानता था कि सबके दिलों पर राज करने वाले मोहम्मद रफी साहब इतनी जल्दी दुनिया को अलविदा कह देंगे।

31 जुलाई 1980 को रफी साहब ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, उनके लिये लोगों की दीवानगी ऐसी थी कि उनके जनाज़े में भारी बारिश के बावजूद भी तकरीबन 10 हजार लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। बात साल 1950 से 1970 के बीच की करें तो रफी साहब संगीतकारों के सबसे पसंदीदा गायक हुआ करते थे। रफी की एक खासियत यह भी थी कि वे जिस अभिनेता पर गाना फिल्माया जाना है उनकी पर्सनैलिटी को ध्यान में रखते हुए अपनी आवाज देते थे। और उनका यही अंदाज सबको भाता था।

अपने सिंगिंग करियर में रफी साहब ने 6 फिल्मफेयर और एक राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड जीता था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रफी साहब ने एक फकीर से गाना सीखा था, जी हां ऱफी साहब ने गांव के फकीर की नकल कर गाना सीखा था, और महज 13 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला गाना गाया था।

आज रफी साहब की पुण्यतिथि के मौके पर गीत गुंजन म्युजिक अकेडमी ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें उतसव , रिया गुप्ता, महिमा शर्मा, विमलेश सिंधुयी, हीना, अमित जोशी, जयेश, धनराज, प्रतीक, केतन, जैनसी, शुभम, वरयुशी, हेनी पटेल, सुमन राजप्रोहित, राशि, इन सभी छात्रों ने रफी साहब को श्रदांजलि देते हुए याद किया। गीत गुंजन म्युजिक अकेडमी को तकरीबन आठ साल हो चुके हैं , यहां पर विधार्थी सिंगिंग, गिटार,कीबोर्ड,हारमोनियम,ढोलक, तबला, आदि सीख सकते हैं। मुंबई-सुरत में गीत गुंजन म्युजिक अकेडमी का जाना-माना नाम बन चुकी है, साथ ही आप इस अकेडमी से ऑनलाइन भी सीख सकते हैं। और अपने हुनर को बरकरार रख सकते हैं।
Woww sir ❤️❤️
Amazing show with my guruji and also very talented singers and musicians ♥️
अत्यंत सराहनीय कदम।।
आप दिन प्रतिदिन अपने संगीत के माध्यम से अपने छात्रों को नई उँचाईयों पर पहुँचाए ऐसी सहृदय हार्दिक शुभकामनाएं।
Very nyc
👍👍
Bahut ache
Very good sir. .all the best