हाल में ही पास हुए बाॅन्डेड डॉक्टर राज्य के अलग-अलग जिलों में डिस्ट्रिक्ट, सब डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटलों में तथा सामूहिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ड्यूटी लगाने को लेकर नाराज हैं। इसके लिए वे हड़ताल पर उतर आए हैं। गुरुवार को डॉक्टरों ने ब्लड कैंप आयोजित कर विरोध जताया। इस कारण से सिविल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से सुबह की ओपीडी में मरीजों को इलाज में 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने हाल में ही पास हुए बाॅन्डेड डॉक्टरों की ड्यूटी राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में लगाने का आदेश दिया है। इसको लेकर डॉक्टरों ने विरोध शुरू कर दिया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन भी इनके इसके समर्थन में आ गया। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना काल में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि कोरोना ड्यूटी कर लेने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में ड्यूटी नहीं करनी पड़ेगी यानी कि बांड पूरा हो जाएगा।
लेकिन सरकार अब अपनी बात से पलट रही है। पहले कोरोना में ड्यूटी भी करवाई और अब अलग-अलग अस्पतालों में भी काम करने का आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं हड़ताल पर जाने से अस्पताल की स्थिति में न बिगड़े, इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने ट्यूटर, एपी और प्रोफेसरों को ओपीडी में मरीजों के इलाज के लिए तैनात कर दिया।