गुजरात के नडियाद में रहने वाली 19 साल की विधि जादव का एक बड़ा सपना इस रक्षाबंधन पर पूरा होने जा रहा है। वह कच्छ से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जाकर जवानों को राखी बांधेगी। रक्षाबंधन पर जवानों के प्रति प्रेम और सम्मान जताने के लिए विधि के जज्बे को देखकर बीएसएफ ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंतिम छोर (सरक्रीक) तक जाने के लिए विशेष रूप से मंजूरी दी है। आमतौर पर कीचड़-दलदल वाले इस इलाके में लोगों को जाने की इजाजत नहीं दी जाती।
विधि जब 12 साल की थी, तब उन्होंने ये अनूठा अभियान शुरू किया था। अब तक उन्होंने 295 शहीद जवानों के परिवारों के पास पहंच कर रूबरू मुलाकात की है। वे देशभर में शहीदों की प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचती हैं। विधि दो दिन तक कच्छ में जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाएंगी। 21 अगस्त को वीघाकोट बॉर्डर पर जवानों को रक्षासूत्र बांधेगी। उन्हें वीघाकोट किले में दर्शन कर जवानों संग रक्षाबंधन की इजाजत मिली है।
इसके बाद साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की याद में बने युद्ध स्मारक पर पहुंचकर जवानों को राखी बांधेगीं। 22 अगस्त अंतरराष्ट्रीय सीमा के अंतिम छोर पर स्थित भारतीय सीमा के पिलर संख्या-1175 पहुंच कर रक्षाबंधन पर्व मनाएंगी। इस जगह से पाकिस्तान की चौकियां साफ दिखाई देती हैं। इसके बाद वे लखपत स्थित गुनेरी बॉर्डर पोस्ट पर जवानों को भी राखी बांधेगीं।
टीवी पर शहीदों को देख मिली प्रेरणाः बचपन में टीवी पर शहीदों का कवरेज देख विधि पापा से अक्सर पूछती थी कि उनका परिवार कैसे चलता होगा। बस इसी टीस ने उन्हें इस अनूठे अभियान को शुरू करने की प्रेरणा दी। उनका परिवार मध्यम वर्ग से है। पिता राज्य सरकार की सेवा में हैं। अपने परिचितों और संपर्कों के जरिए विधि जवानों के परिवार की मदद करती हैं। जब कोई व्यवस्था नहीं हो पाती तो, परिजन बोझ उठाकर भी जवान के परिवार की मदद करने में पीछे नहीं हटते। बीए सेकंड ईयर में पढ़ रही विधि को कॉलेज की तरफ से भी सपोर्ट मिलता है, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
शहीद परिवारों को चिट्ठी लिखती हैं, उनसे फाेन पर हालचाल भी लेती रहती हैं
विधि को जब भी जवान के शहीद होने की सूचना मिलती है। तो वह परिवार से मुलाकात की कोशिश करती हैं। उन्हें चिट्ठी (भावना पत्र) के साथ 5 हजार रुपए भी भेजती हैं। पुलवामा में शहीद हुए 40 जवानों के परिवारों को 11-11 हजार रुपए अर्पित करते हुए भावनापत्र लिखे। विधि शहीदों के परिवारजनों-बच्चों से मोबाइल, वाट्सएप और फोन पर बातचीत कर उनके हालचाल भी लेती हैं।