
सरस आजीविका मेला 2021 में आज *केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी नीता केजरीवाल औऱ अनीता होलकर*, अतिरिक्ट महानिदेश पर्यटन, भारत सरकार ने विजिट किया। इस दौरान उन्होंने यहां लगे स्टॉलों का भी मुआयना किया औऱ सभी एसएचजी महिलाओं का हौसला भी बढ़ाया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सरस एक ऐसा प्लेटफार्म हैं जहां देश भर के हरेक कोने के सामान उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरस आजीविका मेला से *“वोकल फॉर लोकल”* अभियान को भी बल मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से आने वाली बाबू भंगाराम **एसएचजी ग्रुप **की लीली ठाकुर ने बताया कि सरस आजीविका मेले से हम लोगों को एक प्लेटफार्म मिलता है ताकि हम अपने प्रोडक्ट्स को बेच सकें। हम चाहते हैं कि ऐसे मेले लगते रहें ताकि हम अपनी बेहतरीन सामानों को देश औऱ विदेश में बेच सकें। लीली ठाकुर ने बताया कि हमारे पास राइस के डिफरेंट वेरायटी, काले गेहूं का आटा, अमचूर, इमली, कुकी, कोदो, रागी के आटा आदि हैं।

दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित *40वें विश्व व्यापार मेले* में एक बार फिर परंपरा, क्राफ्ट, कला एवं संस्कृति से सरोबार आजादी के अमृत महोत्सव थीम के साथ, *14 नवंबर से 27 नवंबर* तक प्रसिद्ध *सरस आजीविका मेला 2021* का आयोजन किया जा रहा है। प्रगति मैदान के *हॉल नंबर–7 (ए, बी, सी)* में *14 से 27 नवंबर* तक चलने वाले इस मेले में देश भर के हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प के उत्कृष्ट सामानों की बिक्री एवं सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान *(एनआईआरडीपीआर)* द्वारा आयोजित इस *सरस आजीविका मेला 2021* में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। *14 नवंबर से 27 नवंबर* तक चलने वाले इस उत्सव में 300 के करीब महिला शिल्प कलाकार, 137 स्टॉलों पर अपनी अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शनी का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूड स्टाल पर मौजूद होंगे, प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के रूप में अदरक, चाय, दाल, कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्ध हैं। वहीं, मेला में प्रवेश करने के लिए **कोविड -19 **के प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखा गया है। इसके तहत मेला में प्रवेश करने वालों के लिए फेस मास्क बिल्कुल अनिवार्य है साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही जगह जगह सेनिटाइजेशन का भी इंतजाम किया गया है।
सरस आजीविका मेला **के दौरान देश भर के 30 राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है जिससे कि हमारे देश के हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को कोरोना के बाद एक बार फिर से अपनी रोजगार शुरु करने का मौका मिल सके।
इसके साथ ही इससे *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी *द्वारा शुरू किया गया आत्मनिर्भर भारत का संकल्प व *“वोकल फॉर लोकल”* अभियान को बढ़ावा मिल सके।