
14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा। साथ ही इस दिन सूर्य देव शनि देव की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करेगें। आपको बता दें कि इस दिन सूर्य देव की पूजा की जाती है। साथ ही मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान किया जाता है। कहा जाता है कि जब सूर्य देव शनि देव के घर गए थे, तो उन्होंने सूर्य देव को काले तिल अर्पित किये जिससे सूर्य देव प्रसन्न हो गए थे। और इसलिए इस दिन काले तिल से पूजा की जाती है और खिचड़ी का भी भोग लगाने की परम्परा है।
मकर संक्रांति शुभ समय :
मकर संक्रांति दोपहर 02:43 बजे से शाम 06:04 बजे तक रहेगी
मकर संक्रांति महा पुण्य काल दोपहर 02:43 बजे से शाम 04:35 बजे तक है।
मकर संक्रांति पूजा:
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव और विष्णु भगवान की पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है, रुका हुआ काम पूरा होता है। इस दिन आपको तांबे के लोटे में लाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्पित करें। साथ ही सूर्य देव के मंत्र का 108 बार जाप भी करना चाहिये। मकर संक्रांति के दिन अन्न, कंबल या तिल का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इसके अवाला जरूरतमंदों को खिचड़ी भी बांटनी चाहिये।
घर में लगायें पीतल का सूर्य:
मकर संक्राति के अगर आप घर में पीतल का बना सूर्य लगाते हैं तो ये घर में शांति और सुख-समृद्धि बनाए रखता है। घर में धन की कमी नहीं होने देना चाहते हैं, तो इस दिन पूर्व की दिशा में ऐसा सूर्य लगाना चाहिए, जिसमें नीचे की ओर घंटी लटकी हों. हवा से जब वह घंटियां बजती हैं, तो यह शुभ संकेत होता है। ऐसा करने से घर में पॉजिटिविटी आती है और नकारात्मकता खत्म होती है।