पैरों की खूबसूरती ही नहीं, अच्छी सेहत भी देती है चांदी की पायल

चांदी की पायल पहनने के फायदे
चांदी की पायल पहनने के फायदे

चांदी की पायल और बिछ‍यों को सुहाग की निशानी माना जाता है, पायल ना केवल पैरों की खूबसूरती को बढाती है, बल्‍क‍ि ये अच्छी सेहत भी देती है। जी हां भारतीय प्राचीन ज्योतिषियों के मुताबिक चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान शिव की आंखों से चांदी की उत्पत्ति हुई थी, जिसके कारण चांदी को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।  और यही वजह है कि भारतीय संस्‍कृति में चांदी की पायल का खास महत्‍व माना जाता है। पायल पहनने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर सकारात्‍मक असर पड़ता है।

प्रतिरोधक क्षमता बढाती है
चांदी की पायल हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढाने और हार्मोनस को बैलेंस करने में  भी मदद करती है। और इसी वजह से हमारे देश में विवाहित महिलाएं चांदी की बिछिया  पहनती हैं, क्योंकि यह गर्भाशय को स्‍वस्‍थ रखने में भी मदद करती है और मासिक धर्म के दर्द को भी कम करती है।
इसलिए नहीं पहनते सोने की पायल
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के अनुसार, चांदी पृथ्वी की ऊर्जा के साथ अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करती है, जबकि सोना शरीर की ऊर्जा और आभा के साथ अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करता है. इसलिए, चांदी को पायल या पैर की अंगुली के छल्ले/बिछिया के रूप में पहना जाता है, जबकि सोने का उपयोग शरीर के ऊपरी हिस्सों को सजाने के लिए किया जाता है.
पैरों में दर्द को रोके चांदी की पायल
इसके अलावा महिलाएं रसोई में खड़े होकर घंटों काम करती हैं।  शाम तक अक्‍सर उनके पैरों और पीठ में दर्द हो जाता है, चांदी रक्त संचार में मदद करती है, जिससे थकान नहीं होती।