GoodBye Review: जीवन की भागदौड़ में परिवार भी जरुरी है, एहसास दिलाती है फिल्म गुडबॉय

कलाकार- अमिताभ बच्चन , रश्मिका मंदाना , नीना गुप्ता , आशीष विद्यार्थी , पावेल गुलाटी और सुनील ग्रोवर आदि
लेखक- विकास बहल
निर्देशक- विकास बहल
निर्माता- सरस्वती एंटरटेनमेंट , एकता कपूर , शोभा कपूर , विकास बहल और विराज सावंत
रेटिंग- 3 स्टार

‘गुडबाय’ फिल्म की बात करें तो ये  एक परिवारिक कहानी है, जो की आपको रुलाने का काम करेगी। जीवन की भागदौड़ में कई बार हम अपनों को नजरअंदाज कर देते हैं।

कहानी– फिल्म की कहानी भल्ला परिवार की है, जिसके बच्चे कोई विदेशों में बसे हुए हैं तो कोई अपने सपनों को पूरा करने के लिए परिवार से दूर है। सभी बच्चे अपनी –अपनी लाइफ में बिजी हैं। जब अचानक ही एक दिन मां का निधन हो जाता है। मां को एक आखिरी बार विदा करने के लिए पूरा परिवार एक  छत के नीचे दिखाई देता है। जिनके पास पहले एक दूसरे के लिए समय नहीं था। पिता और बच्चों के बीच वैचारिक मतभेद होते हैं। बेटी को अंतिम संस्कार से जुड़ी लंबी प्रक्रिया अंध विश्वास लगती है, लेकिन पिता कहते हैं, “हजारों सालों से ये रीति रिवाज चले आ रहे हैं, अगर तुम्हें उनमें विश्वास नहीं है तो, इसमें दुनिया की गलती नहीं है।” धीरे धीरे  कहानी आगे बढ़ती है।

एक्टिंग–  एंक्टिंग की बात करें तो फिल्म में नीना गुप्ता का रोल काफी दिलचस्प दिखाया गया है। जो कि अपने मॉडन बच्चों के साथ आज के जमाने में घुली मिली दिखाई दी हैं। फ्लैशबैक के दृश्यों में उनका आना फिल्म में जान डाल देता है। अमिताभ बच्चन के साथ उनकी कैमिस्ट्री हो या बच्चों के साथ, उनका किरदार सभी को खिंचता नजर आ रहा है। इसके अलावा रश्मिका मंदाना ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाने की कोशिश की है। कहीं कहीं वो काफी अच्छी लगी हैं। लेकिन इस सबके बाबजूद उन्हें अपने उपर बहुत काम करना है। इसके अलावा पावेल गुलाटी, आशीष विद्यार्थी और एली अवराम अपने किरदारों के साथ न्याय करते नजर आये हैं।  साथ ही पंडित के किरदार में सुनील ग्रोवर कहानी में जान डालते नजर आये हैं। हरीश के किरदार में अमिताभ बच्चन ने पूरी जी जान से अभिनय को जिया है। एक पिता के संघर्षों को भी बखूबी दिखाया है।

संगीत–  संगीत की बात करें तो फिल्म का संगीत दिया है, अमित त्रिवेदी ने और बोल स्वानंद किरकिरे ने लिखे हैं। फिल्म के गाने दिल में जगह बनाते हैं.. खासकर ‘चन्न परदेसी’, ‘कन्नी रे कन्नी’ और ‘जयकाल महाकाल’, दिल को छूते हैं। साथ ही हरीश-गायत्री की प्रेम कहानी को लेकर एक गीत भी दिखाया गया है, जो कि आपको पुराने दौर और पुराने अमिताभ बच्चन की झलक दिखाने का काम करता है। जिसे देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान जरुर आएगी।

क्यों देखें– फिल्म ‘गुडबाय’ एक दिल छूने वाली पारिवारिक कहानी है, फिल्म आपको एक समय पर भावुक करती है, अगर इस वीकेंड अपने परिवार के साथ आपको ये फिल्म जरुर देखनी चाहिए। क्योंकि समय के साथ इस तरह की स्क्रीप्ट परिवार को जोड़ने के लिए बेहद जरुरी हैं जहां ये एहसास दिलाया जाए कि जीवन की भागदौड़ में परिवार भी जरुरी है।