4 नवंबर को मनाई जाएगी ‘देवउठनी एकादशी’ जानिए पूजा विधि

Varuthini Ekadashi 2023
Varuthini Ekadashi 2023
Mokshada Ekadashi 2021

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi) या देवोत्थान एकादशी (Devthan Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि इस बार 4 नवंबर, 2022 को इस त्यौहार को मनाया जायेगा। चलिए जान लेते हैं देवउठनी एकादशी व्रत तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण का समय।

देवउठनी एकादशी व्रत तिथि-
देवउठनी एकादशी तिथि: 4 नवंबर, 2022
एकादशी तिथि शुरुआत: 3 नवंबर 2022, गुरुवार, शााम 7:30 बजे
एकादशी तिथि समाप्ति: 4 नवंबर, शुक्रवार, शाम 6:8 मिनट पर
देवउठनी एकादशी व्रत: देवउठनी एकादशी का व्रत उदयातिथि के अनुसार 4 नवंबर को रखा जायेगा
देवउठनी एकादशी व्रत पारण: 5 नवंबर को, सुबह 6:39 से लेकर सुबह 8:52 बजे से

देवउठनी एकादशी पूजा विधि:
देवउठनी एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान करें। साफ कपड़े पहनें, भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद आंगन में भगवान विष्णु के चरणों की आकृति बनाएं। धूप में चरणों को ढक दें। अब एक ओखली में गेरू से चित्र बनाकर फल, मिठाई, ऋतुफल और गन्ना रखकर डलिया से ढक दें। ध्यान रहे इस दिन रात्रि में घरों के बाहर और पूजा स्थल पर दीये जलाएं। वहीं शाम की पूजा में सुभाषित स्त्रोत पाठ, भगवत कथा और पुराणादि का श्रवण व भजन आदि गाये जाते हैं। इसके बाद रात में भगवान विष्णु और अन्य देवी-देवताओं की पूजा करें।