लोकसभा चुनाव 2019 के महासंग्राम में फैसले की घड़ी नज़दीक आ गयी है। चुनावी माहौल गर्म है। अबकी बार किसकी सरकार बनेगी जनादेश पर आधारित यह फैसला जनता के समक्ष शीघ्र ही होगा। आपको बता दें, सुबह 8 बजे से ही वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। दोपहर 1-2 बजे के करीब लोकसभा चुनाव में सीटों के विषय में कुछ तस्वीरें साफ हो जाएंगी हालांकि पूर्ण रूप से देश की सरकार बनाने में कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिली या कहें कि देश में किसकी सरकार बनेगी का फैसला देर शाम तक ही आएगा।

वहीं बात अगर एक्ज़िट पोल की जाए तो हर पार्टी की एक अलग ही तस्वीर 2014 लोकसभा चुनाव से इस लोकसभा 2019 के चुनाव में नज़र आयी। जहाँ एनडीए को अधिकतर चैनलों द्वारा किये गए एक्जिट पोल में 300 से अधिक सीटें मिलने की बात सामने आ रही है, वहीं यूपीए सरकार का प्रदर्शन भी पिछले चुनाव से कुछ बेहतर इस चुनाव में सामने आ रहा है। एक्जिट पोल के अनुसार यूपीए सरकार को पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार डबल सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन मुख्य बात यह है कि सारे एक्जिट पोल इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि एनडीए यानि मोदी सरकार को ही बहुमत मिलेगा।
सात एक्जिट पोल में मोदी सरकार का ही बहुमत देखने को मिला। गौरतलब है कि लोकसभा की 543 सीटों में 272 सीटें बहुमत के लिए मानी जाती हैं। ऐसे में मोदी सरकार को 300 से अधिक सीट मिलना मोदी का फिर सरकार बनाने की ओर साफ इशारा है।

वहीं एक्जिट पोल से अलग हटकर बात करें तो, हाल ही में ईवीएम मशीन से जुड़ा वीडियो भी खूब वायरल हुआ है। जो इस चुनावी महासंग्राम का चर्चा का विषय मुख्य रूप से बना हुआ है। विडियो ना सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बल्कि विडियो ने राजकीय दलों में एक हडकंप भी मचा दिया।

इस वायरल विडियो में एक ट्रक में ईवीएम मशीनों को ले जाते दिखाया जा रहा था। लोकसभा चुनाव 2019 के सातों चरणों के संपन्न होने के बाद जहाँ ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में उच्च सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती होने वाले दिन तक रखा जाता है ऐसे में मशीनों का ऐसा विडियो ने बौंखलाहट की स्थिति पैदा कर दी। हालांकि चुनाव आयोग ने सामने आकर संदेह की सभी संभावनाओं को मिटाते हुए कहा कि विडियो में दिखाई गई मशीनें रिजर्व मशीनें थी। जिनका कि वोटिंग में इस्तेमाल किया ही नहीं गया था। चुनाव आयोग के अनुसार रिजर्व मशीनों का प्रयोग किसी ईवीएम मशीन में अचानक आई खराबी के बाद ही किया जाता है। परंतु इनका प्रयोग करने की नौबत के अवसर कम ही होते हैं।

ऐसे में विभिन्न पार्टियों का भिन्न-भिन्न मत सामने आता है, कांग्रेस सरकार कहती है कि बीजेपी ने ईवीएम मशीन को इलेक्ट्रोनिक विक्टरी मशीन समझ कर रखा है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी का मानना है कि यह हार की बौंखलाहट है जिसे कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों में साफ देखा जा सकता है।

बता दें कि, देश का चुनाव देश के स्वतंत्र संस्था चुनाव आयोग के अंतर्गत ही होता है ऐसे में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर शक करना सही नहीं।

देखना दिलचस्प होगा कि देश के चुनावी महासंग्राम में किसकी सरकार जीत का डंका देश में बजवाती है। चुनावी नतीजों की तस्वीरें आज शाम तक साफ हो जाएगी। हालांकि वोटों की गणना अभी जारी है।