“याद आता है मुझे वो शहर मेरे बचपन का”
याद आता है मुझे वो शहर मेरे बचपन का जहां लोग अपने से रहा करते थेजब मिलते थे मुझसे तब अपनी सी बात किया करते [Read More]
याद आता है मुझे वो शहर मेरे बचपन का जहां लोग अपने से रहा करते थेजब मिलते थे मुझसे तब अपनी सी बात किया करते [Read More]
अपना जहां तो रोशन करते हैं सभीचलो दूसरों के जहां को भी रोशन करें अपने लिए तो खरीदते हैं सब खुशियां चलो दूसरों के लिए [Read More]
मेरे मोहब्बत करने का ये अंजाम लिख देना तुम,अपनी तमाम मुश्किलात मेरे नाम लिख देना तुम।बहुत ज़ुल्म किया है तुम पे समाज और रिवाज़ ने,तुम्हारे [Read More]
वो बुढ़िया कल भी अकेली थी वो बुढ़िया अब भी अकेली है चेहरे की झुर्रियाँ पढ़ कर पता चलता हैउसने कितने सदियों की पीड़ा झेली [Read More]
जब किसी घर में चुल्हा न जले और परिवारभूखा ही सो जाए. जब किसी गांव में गरीब लोगों को भीख मांग कर पेट भरना पड़े…… [Read More]
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