मौजूदा सरकार यानि मोदी सरकार आम बजट 5 जुलाई को पेश करने वाली है। हालांकि सरकार अंतरिम बज़ट चुनाव से पूर्व ही फरवरी 2019 को पेश कर चुकी है।
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भारी मतों से विजयी मोदी सरकार से इस बार बज़ट को लेकर उम्मीदें भी बड़ी की जा रही हैं। यानि कहा जा सकता है कि सरकार के 5 जुलाई को संसद में पेश किये जाने वाले बजट पर लोगों की निगाहें लगातार बनी ही हुई हैं।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकल के दौरान 5 जुलाई को सरकार का पहला आम बजट लाया जाएगा और 4 जुलाई को आर्थिक सर्वेक्षण जारी होगा। मोदी सरकार की नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ही संसद में बजट पेश करेंगी।

आम जनता को मौजूदा सरकार के बजट से उम्मीद है कि 5 जुलाई को वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट सूटकेट में जरूर उनके लिए कुछ ना कुछ अच्छा निकलेगा। फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट जिसे कि पूर्व वित्त मंत्री पियूष गोयल ने पेश किया था, ने संकेत दिया था कि आम बजट में करदाताओं को टैक्स में छूट मिल सकती है।

जहाँ एक ओर इंदिरा गाँधी के बाद देश की दूसरी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा मौजूदा सरकार का बजट पेश करने से महिला वर्ग के लिए विशेष उम्मीदें की जा रही हैं।

वहीं सबसे ज्यादा उम्मीदें मध्यवर्ग द्वारा लगाई जा रही हैं। उनकी उम्मीदें हैं कि मौजूदा सरकार के बजट में उन्हें मँहगाई में कटौती और टैक्स से ढ़ीली होने वाली जेबों के मामले में कुछ रियायतें तो मिलेंगी।

सीनियर सिटिजन वर्ग की भी मोदी सरकार से टैक्स रियायतों के रूप में उम्मीदें बड़ी हैं। विशेषज्ञों का आगामी बजट को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि होम लोन के तहत टैक्स से बचत के लिए कटौती की सीमा भी बढ़ सकती है। यह मोदी सरकार का आवासीय क्षेत्र के अंतर्गत सस्ते घरों पर ब्याज की दर कम रख मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग को लुभाने का सरकार का प्रयास हो सकता है। गौरतलब है कि सरकार के 2014 में आए पिछले बजट के दौरान में होम लोन पर टैक्स पर बचत का प्रस्ताव सरकार अमल में लाई थी।

वहीं दूसरे सेक्टर जैसे मोटर ट्रांसपोर्ट सेक्टर की बात करें तो इस सेक्टर की भी मोदी सरकार से उम्मीदें बड़ी हैं। मंदी से जूझ रहे इस सेक्टर की विशेष मांग है कि उन्हें जीएसटी रेट में राहत चाहिए।

लगातार गिरती आर्थिक व्यवस्था के बीच मौजूदा सरकार के लिए चुनौतियाँ इस बार बड़ी हैं। किसी भी देश का बजट देश की आर्थिक स्थिति को बताता है ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि विदेशों में भी नाम कमाने वाले प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार के दौरान भारत की आर्थिक स्थिति को कितनी बेहतर तरीके से दर्शा पाते हैं। इसमें देश का बजट भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर दिखाने में महत्वुपूर्ण भूमिका निभाएगा।