देश को चुस्त दुरुस्त रखने के मिशन की ओर बढ़ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज फिट इंडिया मूवमेंट की शुरूआत करने जा रहे हैं। देश की स्वास्थ्य से जुड़ी बेहरतरीन आदतों के विषय में प्रधानमंत्री मोदी आज देश को संबोधित कर रहे हैं।

सुबह 10 बजे से दिल्ली के इंदिरा गाँधी स्टेडियम से इस मिशन की शुरुआत करते हुए मोदी का लक्ष्य देश को फिट रखना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फिट इंडिया मूवमेंट की चर्चा हालांकि मन की बात कार्यक्रम में पहले ही की जा चुकी है।

आज यानि 29 अगस्त के दिन ही फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत की बात मोदी द्वारा रखी गयी थी। आज देश में राष्ट्रीय खेल दिवस का अवसर है। देश के खेल जगत के महानायक मेजर ध्यानचंद की जयंति के अवसर को ही खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गौरतलब है कि देश के वर्तमान प्रधानमंत्री देश को फिट रखने की सलाह हर अवसर पर देना पसंद करते हैं। स्वस्थ भारत को मोदी खुद एक मिशन की तरह देखते हैं।

इसी क्रम में मोदी सरकार का फिट इंडिया मूवमेंट ना केवल देश में खेल से जुड़े खिलाड़ियों के लिए है बल्कि यह देश के जन-जन से जुड़ा है। मोदी के इस अभियान से जुड़ने देश के विभिन्न स्कूलों के छात्र और खिलाड़ी विशेषकर कार्यक्रम में पहुंचे हैं।

मोदी के इस फिट इंडिया मूवमेंट के तहत ना केवल शारिरिक फिटनेस की बात रखी जाएगी बल्कि जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न आदतों को बदलने का प्रयास भी इस मूवमेंट द्वारा किया जाएगा। मूवमेंट के अंतर्गत खाने की आदतों, व्यायाम, रोगों से दूर रहने के उपायों पर विशेषकर ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता मोदी सरकार के इस अभिय़ान का मुख्य लक्ष्य रहेगा। मोदी सरकार का यह मत शुरुआत से ही था देश को फिट रखते हुए ही विकास की रेस में तेजी से दौड़ा जा सकता है। आखिर यूं नहीं कहा गया है खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया। शारिरिक फिटनेस की आवश्यकता आज देश भर के नागरिकों को है।

बढ़ते प्रदूषण के कारण आज भारत में ही यह स्थिति बनी हुई है कि हर दूसरे घर में व्यक्ति सांस से जुड़ी बीमारी से जूझ रहा है। छोटी उम्र में ही घातक बीमारियों की चपेट में आना भी शारिरिक फिटनेस की ओर ध्यान ना दे पाना ही है।
रोज की दौड़ भाग भरी दिनचर्या में व्यक्ति की आवश्यकताऐं बढ़ रही हैं लेकिन वहीं व्यक्ति अपने लिए ही समय नहीं निकाल पा रहा है। बेवक्त खाने और सोने की आदतों से ही छोटी उम्र में ही शुगर औऱ लंग्स से जुड़ी बिमारियाँ व्यक्ति को अपनी चपेट में ले रही हैं।

इसी क्रम में मोदी सरकार का यह प्रयास देशवासियों के लिए एक बेहतर प्रयास साबित होगा। फिलहाल के लिए यह मूवमेंट केवल चार सालों के लिए सुउद्देश्य से लाया जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि मोदी सरकार का यह प्रयास देश में कितने सकारात्मक परिणाम ला पाने में महत्वपूर्ण निभाएगा।