जानें कृष्ण क्यों सजाते हैं अपने मस्तक पर मोरपंख

Janmashtami Special: कान्हा का प्रिय था मोर पंख, घर में रखेंगे तो होंगे ये अदभुत चमत्कार - Live Uttarakhand | DailyHunt

जन्माष्टमी का त्यौहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है, दही हांड़ी, मंदिरों की सजावट देखते ही बनती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर श्री कृष्ण मोर पंख को अपने मस्तक पर क्यों सजाते हैं  चलिए जानते हैं कि आखिर भगवान कृष्ण को मोरपंख इतना प्रिय क्यों है।

कहा जाता है कि  मोर ही एक मात्र ऐसा पक्षी है, जो पूरे जीवन में ब्रह्मचर्य का पालन करता है,मोर के आंसूओं को पीकर मोरनी गर्भ धारण करती है।  इतने पवित्र पक्षी के पंख को श्री कृष्ण अपने मस्तक पर सजाते हैं।

क्यों प्रिय है श्री कृष्ण को मोर पंख - YouTube

कहा ये भी जाता है कि जब श्री कृष्ण बांसुरी बजाते थे तो  राधारानी  के साथ ही उनके मोर भी नृत्य मुद्रा में आ जाते थे, कहा ये भी जाता है कि एक बार नृत्य के दौरान किसी मोर का पंख भूमि पर गिर गया। और भगवान कृष्ण  ने उसे उठाकर अपने मस्तक पर सजा लिया।

मोर के पंखों के रंग  हमें ये भी बताते हैं कि मोर पंख की तरह ही हमारे जीवन में भी कई तरह के रंग होते हैं, और इंसान को भी  जीवन में  उतार -चढ़ाव देखने को मिलते हैं।

इन कई बातों की वजह से कृष्ण को मोरपंख प्रिय है, जो कि हमेशा उनके पास रहता है। जितनी प्रिय उनको बांसुरी है उतना ही प्रिय मोरपंख भी है। तो आप भी कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए जन्माष्टमी पर मोरपंख अर्पित कर सकते हैं।

 

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