केसीटीआरा न्यूज के साथ बातचीत में कुलदीप सरीन ने बतायीं अपने फिल्मी सफ़र से जुड़ी ये ख़ास बातें

Actor Kuldeep Sareen
Actor Kuldeep Sareen

आज हम बात करने वाले हैं मशहूर एक्टर कुलदीप सरीन जी के बारे में, बहुत ही कम लोग होते हैं जो लाख़ मुश्किलों के बाद भी अपने सपनों को पकड़े रखते हैं। और इनमें ही शामिल होता है एक्टर कुलदीप सरीन का नाम। कुलदीप सरीन का जन्म ग्वालियर मध्य प्रदेश में हुआ ग्वालियर से मुंबई तक का सफर तय करना आसान नहीं था इस बीच कई मुश्किलें आयीं फिर भी कुलदीप सरीन आगे बढते रहे।

इनकी प्रारभिंक शिक्षा ग्वालियर मध्य प्रदेश में हुई, पढ़ाई के दौरान किये गये एक नाटक ने इनके सपनों का भविश्य लिख दिया था। और फिर क्या था अपने सपनों को पूरा करने के लिये ये ग्वालियर से स्तानक की पढ़ाई करने के बाद ही राष्टीय नाट्य विधालय में अभिनय सीखने के लिये दिल्ली चले आये । लेकिन यहां इनको थोड़ा मायूस होना पड़ा क्योंकि यहां इनका दाखिला नहीं हो पाया। लेकिन फिर भी ये कोशिश करते रहे और दिल्ली के प्रसिद् संभव आर्ट ग्रुप से 1986 में एक साल का अभिनव कोर्स किया । जहां इनके साथ बॉलीवुड़ के मशहूर एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी इनके साथ कोर्स किया । संभव ग्रुप के साथ- साथ इन्होंने दिल्ली में कई नाटक भी किये। और उसके बाद श्रीराम सेंटर रंगमंडलऔर राष्टीय नाट्य विधालय (एन.एस.डी) रंगमंडल में बतौर प्रोफेशनल कलाकार के रुप में लंबे समय तक काम किया।  कुलदीप सरीन जी की पहचान टीवी पर क्राइम प्रट्रोल में पुलिस ऑफिसर के रुप में हुई। पॉजिटीव किरदार को लोगों को देखने का मिला, क्योंकि फिल्मों ये नेगेटिव किरदार के लिये जाने जाने लगे। केसीटीआरा न्यूज के साथ इंटरव्यु में  कुलदीप सरीन  ने शेयर किया अपना फिल्मी सफ़र , चलिये जानते हैं।

प्रश्न- आपको पहली फिल्म कब और कहां मिली ?
दिल्ली में रहते हुए मुझे पहली फिल्म विच एनी गिवस इट दोज वन्स 1989 में मिली। जो बॉलीवुड़ सुपर स्टार शाहरुख ख़ान के जीवन की  भी पहली पहली टेलीफिल्म थी।
प्रश्न- क्या रंगमंच (थियेटर) से पैसा मिलता था ?  और कैसे चीजों को मैनेंज किया ?
उत्तर – सच कहूं तो रंगमंट में पैसा कल भी नहीं था, और ना आज है कुछ समय तक तो घर से पैसा आता था। लेकिन 3 साल बाद  मैंने घर से लेना बंद कर दिया था। और दिल्ली में बनने वाले टीवी नाटक, टेलीफिल्म , टीवी सीरियल में छोटे मोटे रोल करके पैसा कमाना शुरु किया । मेरे ऐसा करने की वजह से एक बार मेरा मनोज वाजपेयी से भी झगड़ा हो गया था । उन दिनों में मनोज के साथ किराये के मकान में रहा करता था। उस घटना के बाद से में 12 साल तक दिल्ली में रंगमंच करता रहा।

प्रश्न- मुंबई क्यूं और कब जाना हुआ ?
जैसा आपको बताया कि रंगमंच में पैसा नहीं था, तो परिवार और अपना खर्चा चलाना मुश्किल था, एन.एस.डी. रंगमंडल में जब तक रहा अच्छे से खर्चा चलता रहा। लेकिन एन.एस.डी में कोई भी कवलाकार हो 6 साल से ज्यादा नहीं रह सकता, और इस वजह से मुंबई का रुख करना पड़ा।
प्रश्न- मुंबई आने पर काम कैसे मिला और किस तरह का रोल मिला ?
कुछ के दोस्त पहले से ही मुंबई में काम कर रहे थे, काम मांगने का तरीका हमें मालूम था, सबसे पहले अपनी कुछ फोटोज खिचवायीं, उसके बाद उन फोटोज को लेकर प्रोडूसरस, डॉयरेक्टर के ऑफिस के चक्कर काटे, उसके बाद कहीं जाकर सिनेमा का सफ़र शुरु हुआ। मेरी पहली फिल्म सहर 2005 में रिलीज हुई जिसमें में S.T.F ( UP Police ) की टीम का सदस्य बना था। उसके बाद 2006 में शाहरुख ख़ान की डॉन में जयराज की निगेटीव भूमिका मिली, डॉयरेक्टर सुभाष घई की फिल्म ब्लैक एंड वाइट में अलीम मियां निगेटीव भूमिका मिली जिसकी अनिल कपूर और सुभाष घई ने जमकर तारीफ की।

फिल्म कांची में खजूरा का रोल देकर सुभाष घई ने अपनी अगली फिल्म में लेने का वादा पूरा किया । फिल्म मिथ्या, एक से बुरे दो, सांड़ की आंख हो सभी में निगेटीव रोल मिलते गये। लेकिन क्राइम प्रट्रोल में मेरे पॉजिटीव किरदार को देखने के बाद अब मुझे पॉजिटीव किरदार मिलने लगे हैं। फिल्म तलाश, लाइफ की तो लग गई, ओ तेरी, तमंचे, कैदी बैंड, रंगून, हॉलीवुड़ फिल्म अनफ्रीम भी मुझ् क्राइम प्रट्रोल के बाद ही मिलीं।

प्रश्न- एक्टिंग के अलावा आप क्या करना पसंद करते हैं ?
उत्तर- अभिनय के क्षेत्र में पिछले 34 सालों से हूं, रंगमंच और सिनेमा को जितना समझ पाया हूं उसी समझ के साथ में अभिनय के क्षेत्र आने वाले कलाकारों को अपने अनुभव बॉटने के लिये कुछ एक्टिंग स्कूलों में चला जाता हूं। साथ ही फिल्म ऑडिशन के लिये वर्कशॉप किया करता हूं। अब तक कई सारे न्यू एक्टर्स को ट्रेनिंग दे चुका हूं।

प्रश्न – अपने खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं?
उत्तर- प्ले देखना टीवी देखना, म्यूजिक सुनना, फिल्म देखना

प्रश्न- आने वाली फिल्म ?
आने वाले काम की बात करें तो में जल्द ही अपनी अप्कमिंग फिल्म फिर से शादी में दिखाई देने वाला हूं।
तो ये थे केसीटीआरा न्यूज के साथ कुलदीप सरीन जिन्होंने शेयर किया अपना अभिनय का सफ़र । जिन्होंने 20 साल दिल्ली का रंगमंच किया, फिर मुंबई पहुंचकर अपने सपनों को उड़ान दी, और अपनी एक्टिंग के बल पर फैंस के दिलों पर राज किया । यही वजह है कि इनके काम को सराहने के लिये इनको साल 2019 में बेस्ट प्रेटोटिएटिक अर्वाड के लिये चुन गया । । हम तो यही चाहते हैं कि आपको यूं ही फैंस का प्यार मिलता रहे।

2 Comments

  1. Thanks to covered the story of our close friend.he is very practical personality and impressed to others who comes with close to him.

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