कलाकार : अमिताभ बच्चन,इमरान हाशमी,अन्नू कपूर,रिया चक्रवर्ती,क्रिस्टल डिसूजा
डायरेक्टर : रूमी जाफरी
समय : 2 घंटे 19 मिनट
रेटिंग 2.5/5
Chehre Movie Review in Hindi : काफी लंबे अरसे के बाद अब सिनेमाघरों की खोई हुई रौनक लौटी है, कई बड़ी फिल्में ओटीटी के बजाय अब सिनमाघरों में रिलीज हो रही हैं। ये फिल्म निर्देशकों के लिये दाव लगाने से कम नहीं है लेकिन इसके बाबजूद निर्देशक अपनी फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज करने का रिस्क लेते दिखाई दे रहे हैं। अक्षय कुमार की बेल बॉटम के बाद निर्देशक रूमी जाफरी की फिल्म ‘चेहरे’ एक बड़ी स्टारकास्ट वाली और बड़े बजट की फिल्म है, जिसे ओटीटी के बजाय सिनेमा हॉल में रिलीज किया गया है। फिल्म सस्पेंस-थ्रिलर-ड्रामा से भरपूर है।
कहानी : कहानी की बात की जाये तो ये एक थ्रिलर फिल्म है जिसमें आपको कोर्ट रूम ड्रामा दिखने को मिलेगा। जिसमें इमरान हाशमी (समीर मेहरा) दिल्ली की एक एड एजेंसी का हेड है जो खराब मौसम की वजह से एक घर में थोड़ी देर के लिये रुकने के लिये जाता है। और उस घर में उसकी मुलाकात 4 बुजुर्गों – पब्लिक प्रोसीक्यूटर अमिताभ बच्चन, डिफेंस लॉयर अन्नू कपूर, धृतमान चटर्जी जज और रघुबीर यादव प्रॉसिक्यूटर हरिया जाटव से होती है। ।और फिर यहां से शुरु होती है फिल्म की कहानी । आगे क्या होता है इसके लिये आपको करना होगा थियेटर का रुख़ ।
मूवी रिव्यू : फिल्म की शुरुआत में आपको लगेगा कि कुछ कहानी में दम है जिस तरह फिल्म अमिताभ बच्चन के गाने के साथ शुरु होती है, आपको लगेगा कि फिल्म की कहानी काफी मजेदार होने वाली है, लेकिन धीरे- धीरे फिल्म आगे बढ़ती है आपको निराश करती नजर आयेगी। फिल्म के किरदारों की बात करें तो सभी कलाकार अच्छे हैं, लेकिन फिल्म की खराब स्क्रिप्ट ने इन सभी की मेहनत पर पानी फेर दिया । फिल्म में हांलाकि आपको अच्छे सीन देखने को मिलेंगे, पहाड़, गिरती हुई बर्फ आपको थोड़ा अच्छा एहसास करा सकते हैं। लेकिन इसके बाबजूद फिल्म आपको निराश करती नजर आयेगी। फिल्म स्लोवाकिया की पहाड़ियों में फिल्मायी गई है। आपको बता दें कि यह पहली फिल्म है जो स्लोवाकिया के बॉर्डर पर शूट की गयी है। सभी कलाकारों के अच्छे काम के बाद भी फिल्म दर्शकों को बांध नहीं पायी। रिया चक्रवर्ती के रोल की बात करें तो वो बीच- बीच में दिखाई देती हैं। फिल्म में डायलॉग अच्छे हैं, जो सीख देते नजर आ रहे हैं, लेकिन आजकल के युवा शायद इस सीख को पसंद ना करें, और यही वजह है कि फिल्म सिनेमाघरों तक दर्शकों को खींचने में नाकामयाब रहे। सेंकड हाफ में आपको बोरियत का एहसास होने लगता है आपको लगने लगेगा कि कहानी को खींचा जा रहा है। इसके अलावा फिल्म में कोई ख़ास गाने भी नहीं हैं जो आपका मनोरंजन करें। हांलाकि अमिताभ बच्चन फिल्म में इंनसानियत की सीख देते हुए दिखायी दे रहे हैं, और खुद को दूसरों से अलग बनने और नियम कानून पर चलने की सीख देते हुए दिखाई दे रहे हैं। लेकिन आजकल के युवाओं को ये किसी भाषण से कम नहीं लगने वाला।
क्यों देखें – अगर आप बिग बी या इमरान हाशमी के फैन हैं तो इस फिल्म को देख सकते हैं । इसके अलावा इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसकी वजह से हम आपको इस फिल्म को देखने की सलाह दें ।
