
शास्त्रों की मानें तो प्रदोष व्रत करने से जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। हर महीने आने वाले दो पक्ष शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। इस बार प्रदोष व्रत 14 फरवरी को किया जायेगा, सोम प्रदोष व्रत करने से सभी मनोकामनाओं को पूरा किया जा सकता है।
प्रदोष व्रत के दिन बनने वाले योग:
1 – त्रयोदशी तिथि के दिन सिद्धि योग 11.53 मिनट से शुरू होगा और 15 फरवरी को सुबह 7:00 बजे तक रहेगा.
2 – रवि योग 14 फरवरी को सुबह 11.53 मिनट पर शुरू होगा और 15 फरवरी को सुबह 7:00 बजे खत्म होगा।
3 – आयुष्मान योग रात 9.29 बजे तक खत्म होगा।
सोम प्रदोष व्रत की विधि:
शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत में शंकर भगवान की पूजा की जाती है। भगवान शिव को बेल पत्र, भांग, लाल चंदन, तांबे या चांदी के लोटे में शहद/गन्ने का रस और शुद्ध जल अर्पित करना चाहिये। इसके अलावा हो सके तो ॐ सर्वसिद्धि प्रदाये नमः इस मंत्र का 1 बार जप करना चाहिये। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का भी जप कर सकते है।