Jersey Review in Hindi: स्पोर्ट्स ड्रामा के साथ- साथ रिश्तों से जुड़ी कहानी है फिल्म ‘जर्सी’

Film Jersey Review in hindi
Film Jersey Review in hindi

कलाकार शाहिद कपूर, मृणाल ठाकुर, पंकज कपूर
निर्देशक गौतम तिन्नानुरी
फिल्म स्पोर्ट्स ड्रामा
रेटिंग- 3 स्टार

तेलुगू फिल्म जर्सी का हिंदी रीमेक:
फिल्म जर्सी 2019 में रिलीज हुई तेलुगू फिल्म जर्सी की हिंदी रीमेक है। नानी स्टारर नेशनल अवॉर्ड फिल्म का हिंदी रीमेक भी गौतम तिन्ननुरी ने ही डायरेक्ट किया है। 

कहानी :
फिल्म जर्सी की कहानी क्रिकेटर अर्जुन तलवार की जो लोकल क्रिकेट खेलता है, और उसका सपना है टीम इंडिया में जाने का है। लेकिन फिर  अचानक वो क्रिकेट छोड़ देता है। और नौकरी करने लगता है लेकिन कुछ समय बाद उसकी नौकरी भी चली जाती है। बेरोजगारी में शादीशुदा जिंदगी पटरी से उतर जाती है। इसी बीच अर्जुन तलवार का बेटा उससे टीम इंडिया की जर्सी मांगता है, लेकिन अर्जुन के पास इतने पैसे नहीं होते कि वो अपने बेटे को जर्सी दे सके। फिर क्या होता है ? क्या वो अपने बेटे को जर्सी दे पाता है? क्या वो क्रिकेट में वापसी कर पाता है?  इन सभी सवालों के जबाबों के जानने के लिये आपको फिल्म जर्सी देखनी होगी।

एक्टिंग:
फिल्म में शाहिद कपूर अर्जुन तलवार के रोल में दिखाई दिये हैं, हर इमोशन को शाहिद ने परफेक्शन से निभाया है, इसके लिए शाहिद की जितनी तारीफ की जाये कम है। फिल्म में शाहिद रोते हैं, हंसते हैं, तो आप भी उस दर्द को महसूस करते हैं।  और जब शाहिद चौके छक्के मारते हैं तो आप भी खुश होते हैं। 26 साल के लड़के के रोल में शाहिद कपूर ने कमाल की एक्टिंग की है, वहीं शाहिद की पत्नी के रोल में मृणाल ठाकुर ने बेहतरीन एक्टिंग की है। दर्शकों को मृणाल का अभिनय भी कापी पसंद आने वाला है। वहीं शाहिद के बेटे के किरदार में रोनित कर्मा ने भी अपने किरदार को निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ी, इसके अलावा शाहिद के कोच के रोल में पंकज कपूर की भी केमिस्ट्री शाहिद के साथ जमी है।  फिल्म में शाहिद ने गुस्सा, दुख, शर्म, जीत, खुशी सभी इमोशन को बेहतर परर्फोम किया है। इसके अलावा विद्या के किरदार में मृणाल ठाकुर के किरदार को काफी बारीकी से लिखा गया है। पंकज कपूर (कोच) के साथ शाहिद के बेहतरीन सीन्स हैं।

क्यों देखें?
फिल्म जर्सी एक स्पोर्ट्स ड्रामा है,  लेकिन जर्सी क्रिकेट से ज्यादा रिश्तों के इमोशन पर जोर देती है। जिसमें पति और पत्नी, पिता और बेटे, कोच और खिलाड़ी के रिश्ते को दिखाया गया है। तो अगर आप स्पोर्ट्स ड्रामा के साथ- साथ रिश्तों से जुड़ी फिल्म देखना चाहते हैं तो वीकेंड पर इस फिल्म को देख सकते हैं।