
ब्रिटिश के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) भारत दौरे पर आये हुए हैं। अपने स्वागत को लेकर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन काफी खुश हैं। जी हां बोरिस जॉनसन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अमिताभ बच्चन (Amitabh bachchan) या सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) हूं। मैंने अपनी गुजरात यात्रा के दौरान हर जगह (अपने) होर्डिंग्स देखे, ये काफी दिलचस्प था।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा…
आपको बता दें कि हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका भारत का दो दिवसीय दौरा शानदार रहा।बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “उन्होंने (जॉनसन) भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने में एक भूमिका निभाई है। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान उनका भारत आना ऐतिहासिक है.” मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री के रूप में भले ही यह उनकी पहली भारत यात्रा है, लेकिन एक पुराने मित्र के रूप में, वे भारत को बहुत अच्छे से जानते हैं, समझते हैं। पिछले कई सालों से भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री जॉनसन की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा, “इस समय, जब भारत अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का यहां आना, अपने आप में एक ऐतिहासिक पल है.. और कल तो पूरे भारत ने देखा है कि आपने (जॉनसन) अपनी भारत यात्रा का शुभारंभ साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करके किया।
पीएम मोदी ने कहा, “हम आत्मानिर्भर भारत के लिए विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, डिजाइन और विकास और अन्य क्षेत्रों में यूके के समर्थन का स्वागत करते हैं.” बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और नेशनल इंफ्रास्ट्रक्च र पाइपलाइन में भारत द्वारा हाल ही में शुरू किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत ब्रिटेन की कंपनियों द्वारा यहां बढ़ते निवेश का स्वागत करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर हो रहे कई विकासों पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, “हमने स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित आदेश (रूल्स-बेस्ड ऑर्डर) के आधार पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बनाए रखने पर जोर दिया. भारत इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में शामिल होने के यूके के फैसले का स्वागत करता है.” मोदी ने कहा, “बातचीत के दौरान हमने यूक्रेन में तुरंत युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी (बातचीत और कूटनीति) पर बल दिया. हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान का महत्व भी दोहराया.” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने एक शांतिपूर्ण, स्थिर और सुरक्षित अफगानिस्तान और एक समावेशी और प्रतिनिधि या प्रदर्शक सरकार के लिए अपना समर्थन दोहराया. यह आवश्यक है कि अफगान भूमि का प्रयोग अन्य देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए।