
आजकल सही लाइफस्टाइल ना होने के कारण अक्सर लोगों में विटामिन की कमी देखी जा सकती है। कई बार शरीर में विटामिन डी की कमी भी देखी जा सकती है। आपको बता दें कि विटामिन डी की कमी तब होती है जब आपके शरीर में पर्याप्त विटामिन डी नहीं बनता। जी हाँ और इसकी कमी आपकी हड्डियों और मांसपेशियों की समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है।
इनडोर वर्कर्स में विटामिन डी की कमी का खतरा
दरअसल विटामिन डी एक ऐसा पोषक तत्व है जो शरीर की हड्डियों के विकास और रखरखाव के लिए जरुरी माना जाता है। आपको बता दें कि अल्बर्टा विश्वविद्यालय, कनाडा के रिसर्चर्स द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चलता है कि शिफ्ट में काम करने वालों, स्वास्थ्य कर्मियों और विशेष रूप से इनडोर वर्कर्स में विटामिन डी की कमी का ज्यादा जोखिम होता है।
विटामिन डी की कमी दुनिया भर में आम होती जा रही है
ऐसे में शोधकर्ताओं ने पाया है कि शिफ्ट वर्कर्स के 80 प्रतिशत व्यक्तियों, इनडोर श्रमिकों के 77 प्रतिशत और हेल्थकेयर छात्रों के 72 फीसदी लोगों में इसकी कमी पाई गई। विटामिन डी की कमी दुनिया भर में आम होती जा रही है, यहां तक कि अधिक धूप पड़ने वाले देशों में भी। जागरूकता बढ़ाकर और सप्लीमेंट आहार को बढ़ावा देकर इस परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है।
विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूर्य का प्रकाश
विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूर्य का प्रकाश है। यह त्वचा और हड्डियों के लिए भी अच्छा होता है। मछली, बादाम और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इसलिए धूप लेने के साथ साथ खाने के जरिये भी विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।