बिग बी सेट पर सलाम करने को हो गये मजबूर

हैे कि अगर आप मैं कुछ करने का हौंसला हो तो आप बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी आसान कर लेते हैं। थोड़ा वक्त जरुर लगता है लेकिन एक दिन कामयाबी आपके कदम जरुर चूमती है। और आज हम आपको एक ऐसे ही शख़्स के बारे मैं बताने जा रहे हैं जिसकी मेहनत और लगन को देखकर बिग भी खुद को सलाम करने से नहीं रोक पाये। हम बात कर रहे हैं राम अजेर की  जिनकी  मेहनत और लगन ने अपने बच्चों को एक मुकाम तक पहुंचाया। अपनी मेहनत के कारण ही राम अजेर अपने बच्चों को सुनेहरा भविष्य दे पाये।  कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर हॉट सीट पर बैठी हुई के.बी. सी की प्रतिभागी किरण ने अपनी और अपने परिवार की कहानी अमिताभ बच्चन को सुनाई । जिसे सुनकर बिग भी किरण के पिता को सलाम करने से खुुद को रोक नहीं पाये।

बिग बी ने कहा कि किरण को कहा कि आपके पिता देश के लिए उदाहरण हैं और आपके पिता को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। बता दें कि किरण एक जिमनास्ट हैं। जो देश के लिए बहुत बड़ी उपाधि है। किरण अमृतसर  पंजाब की रहने वाली हैं। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि किरण  ठैला चलाने वाली की बेटी हैं। और वो पीएचडी की छात्र हैं। इतना ही नहीं किरण कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर काम करती हैं। साथ ही वो नेशनल स्तर पर जिमानास्ट भी रह चुकी हैं।

किरण ने अपनी जिंदगी मैं बहुत संघर्ष किया है। किरण के पिता जी का नाम राम अजोर है  उन्होने बहुत मेहनत करके अपने बच्चों को पढ़ाया है। और आज उनके बच्चे अच्छी जगह काम कर रहे हैं।  किरण अपने पिता को अपनी कामयाबी का  श्रेय देना चाहती है।

राम अजेर ठेले पर पौधे बेचने का काम करते थे। मौसम खराब होने पर भी अपना काम नहीं छोड़ते थे। किरण ने बताया कि उन्होने और उनके परिवार ने ऐसे दिन भी देखे हैं जब उन्हें खाना  भी नहीं मिलता था। राम अजेर अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए और खाने के लिए हर रोज काम किया करते थे। बारिश मैं भी वो काम पर जाना नहीं भूलते थे, ताकि वो अपने बच्चों को सही शिक्षा दे सकें। उनके कल को सवांर सकें, उनकी ये मेहनत रंग लाई । और  आज उनके बच्चे अच्छी जगहों पर नौकरी कर रहे हैं। राम अजेर चाहते थे कि किरण अध्यापिका बनें और किरण ने अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया। किरण ने चारों लाइफ लाइन को अच्छे से इस्तेमाल किया और केबीसी के मंच से 1 लाख 60 हजार रुपये जीते।  राम अजेर केबीसी के माध्यम से उदाहरण बनकर सामने आये हैं जो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में विश्वास  रखते हैं। साथ ही वो उन लोगों के लिए भी उदाहरण हैं जो हार मान लेते हैं। बिग बी ही नहीं राम अजेर लाखों लोगों के लिए उदाहरण हैं जो अपने बच्चों को सुनहरा भविश्य देना चाहते हैं।