मोदी सरकार कल यानि 5 जुलाई को अपने कार्यकाल का दूसरा आम बजट पेश करने वाली है। वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन कल संसद में बजट पेश करेंगी। वहीं आज बजट से ठीक एक दिन पूर्व बजट की आर्थिक समीक्षा की गई है।

पिछली बार की तरह इस बार भी बजट से ठीक एक दिन पूर्व बजट की आर्थिक समीक्षा रखी गयी थी। जिसमें सरकार की पिछली योजनाओं का विश्लेषण भी मुख्य रूप से किया जाता है। गौरतलब है कि बजट से एक दिन पूर्व रखी जाने वाली आर्थिक समीक्षा में बजट की एक झलक भी मिल जाती है।

आर्थिक समीक्षा में मौजूदा सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए देश की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान लगाया गया है। जबकि बता दें कि देश की पिछले वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की दर केवल 6.8% रही थी। सरकार के मुताबिक इस साल देश की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर रह सकती है।

बता दें कि आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम के निर्देशन में उनकी टीम ने तैयार की है। इसके साथ आर्थिक सर्वे में विदेशी मुद्रा की जानकारी भी सरकार द्वारा दी गयी। विदेशी मुद्रा के विषय में बताया गया कि देश में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है। वहीं सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ने का भी भरोसा दिलाया।

सरकार के अनुसार बात अगर एफडीआई यानि फॉरेन डायरेक्ट निवेश की करें तो वित्त वर्ष में 2018-19 में एफडी आई में 14.1% वृद्धि पायी गयी है।

वहीं सरकार ने बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ के विषय में कहा कि क्रेडिट ग्रोथ में तेजी आई है हालाँकि नॉन प्रोफिटेबल एसेट्स की समस्या सरकारी बैंको में ज्यादा पाई गयी। इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रीयल प्रोडक्शन की वृद्धि दर भी बढ़ी है जिसका मुख्य वजह कंस्ट्रकसन कार्य में तेजी आना है।

2019-20 में तेल की कीमतों में कमी आने का अनुमान भी सरकार द्वारा लगाया गया। जहाँ मौजूदा सरकार से आम जनता टैक्स की दरों में कुछ छूट मिलने उम्मीदें लगा रही थीं, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने टैक्स की दरों को घटाने की बात उपभोग को बढ़ाने के लिए, संसद में रखी।
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रोजगार में वृद्धि के लिए श्रम सुधारों को बढ़ावा दिया जा सकता है। सरकारी नौकरी में इजाफे के लिए भी मोदी सरकार द्वारा जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कुछ बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा कल बजट के दौरान हो सकती है।

इसके अलावा देश में चल रहे जल संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा अलग मंत्रालय जल शक्ति का भी गठन किया गया है। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मौजूदा सरकार इस बजट में जल के लिए भी अलग से कोष बनाएगी।

सरकारी राजस्व को बढ़ाने हेतू सरकार कुछ नए टैक्सों की भी घोषणा कल कर सकती है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है देश के लिए कल लाया जाने वाला आम बजट कई मायनों में आम जनता के लिए खास रहने वाला है।