भारतीय बैडमिंटन स्टार शटलर पी वी सिंधु ने एक बार फिर देश का नाम रोशन कर दिया है। बीते रविवार पी वी सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह बैडमिंटन चैंपियनशिप यूरोपीय देश स्ट्वीजरलैंड में रही थी।

देश की स्टार शटलर सिंधु ने फाइनल में पहुंच जापान की नोज़ोमी ओकुहारा को कड़ी शिकस्त दे कर गोल्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही सिंधु का यह इस साल का पहला बड़ा खिताब रहा।

देश को गौरान्वित करने वाली सिंधु का मुकाबला जापान की उन्हीं नोज़ोमी ओकुहारा से रहा था, जिनसे सिंधु को पिछले मुकाबले में सिल्वर से संतोष करना पड़ा था।

इसी क्रम में यह जीत की खुशी सिंधु के लिए दोगुनी हो गयी। स्टार शटलर ने इस वर्ल्ड चैंपियनशिप के कड़े पड़ावों को एक-एक कर पार करते हुए यह जीत देश के नाम की।

इस बार सिंधु नोज़ोमी से मुकाबले में सिल्वर नहीं बल्कि गोल्ड लेकर देश लौटेंगी। यह देश के लिए निश्चित ही गर्व करने का एक यादगार पल बनने वाला है।

बता दें इससे पहले साल 2016 में पी.वी सिंधु को रियो डी. जेनेरियो में चल रहे ओलंपिक में सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। उस दौरान भी सिंधु का मुकाबला जापान की नोज़ोमी ओकुहारा से रहा था। नोजोमी को तब भी सिंधु से हार का मुख देखना पड़ा था।

कुल मिलाकर सिंधु –नोजोमी के अब तक 15 मुकाबले हो चुके हैं जिनमें से सिंधु ने 8 और नोजोमी ने 7 में जीत हासिल की है। वहीं वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2019 में सिंधु की जीत के साथ ही यह स्कोर 9-7 का हो गया है।

बेहतरीन प्रतिद्वंद्वी को कड़ी शिकस्त इस प्रतिस्पर्धा में देना सिंधु के अतुल्य आत्मविश्वास को दिखाता है। हालांकि जापान की बेहतरीन खिलाड़ी नोज़ोमी ओकुहारा भी इस चैंपियनशिप में साल के पहले खिताब के लिए उतरी थीं। लेकिन इस बार उन्हें सिंधु के चलते सिलवर से संतोष करना पड़ा।

आज से ठीक दो साल पहले इसी टूर्नामेंट में सिंधु को नोजोमी से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं इस बार नोजोमी को सिंधु से हार का सामना करना पड़ा.

पिछले दिनो अमेरिका की चर्चित बिज़नेस मैगजीन में सिंधु का नाम अत्यधिक कमाने वाली खिलाड़ी में शामिल किया गया था। वहीं एक बार फिर सिंधु इस बड़ी जीत को अपने नाम कर सुर्खियों में बन गयी हैं। बता दें स्टार शटलर पी.वी सिंधु भारतीय बैडमिंटन की बेहतरीन खिलाड़ी तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने साल 2016 में देश को रियो ओलम्पिक में सिल्वर दिलवाया था।

तभी से सिंधु बैडमिंटन के प्रति अपने कड़े जुनून के लिए लगातार चर्चा में बनी ही रहती हैं। कहना गलत नहीं होगा कि सिंधु भारतीय बैंडमिंटन में चमकते सितारे की भांति लगातार अपनी जगमगाहट बरकरार रख रही हैं, और आगे भी रखेंगी। सिंधु ने फाइनल का यह मैच केवल 38 मिनट में जीत लिया था इसके साथ ही सिंधु वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय का गौरव भी प्राप्त कर चुकी हैं।