विजयी सूरत:फरवरी जैसी स्थित में आए, सिविल-स्मीमेर के 2500 बेड पर मात्र 15 कोरोना मरीज, शहर की पाॅजिटिविटी रेट 0.025% और रिकवरी रेट 98.48% हुई

सूरत अब कोरोना से स्वस्थ हो रहा है। चार महीने बाद शहर फरवरी 2021 जैसी सुखद स्थिति में पहुंच गया है। सिविल और स्मीमेर में अब सिर्फ 15 मरीज भर्ती हैं और 2485 बेड खाली हैं। फरवरी में दोनों अस्पतालों में 19 मरीज भर्ती थे। इनमें 15 सिविल और 4 स्मीमेर अस्पताल में भर्ती थे।

उसी बीच कोरोना की तीसरी लहर आ गई और स्थिति बद से बदतर होती चली गई। इस समय सिविल अस्पताल में कोरोना के 12 मरीज भर्ती हैं। इनमें 5 मरीज बाइपेप और 3 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। वेंटिलेटर पर कोई मरीज नहीं है। स्मीमेर अस्पताल में मात्र 3 मरीज हैं। इनमें से 2 मरीज वेंटिलेटर और एक बाइपेप पर है। ऑक्सीजन पर कोई मरीज नहीं है।

अप्रैल में हर दिन 120 से अधिक मरीजों की होती थी मौत, अब 0
इस साल अप्रैल में दूसरी लहर का पीक आया। अप्रैल में सिविल में ऑक्सीजन के ही 1400 से अधिक मरीज भर्ती थे। इसके अलावा 400 से 450 मरीज वेंटिलेटर पर थे। रोज 80 से 90 मरीजों की मौत होती थी, जबकि 300 से 400 नए गंभीर मरीज भर्ती होते थे। हालत यह हो गई थी कि सिविल अस्पताल ने मरीजों को लेना ही बंद कर दिया था। यही हाल स्मीमेर अस्पताल का भी था। वहां भी रोज 30 से 40 मरीजों की मौत होती थी। 100 से 150 नए मरीज भर्ती होते थे। उस समय स्मीमेर में लगभग 800 मरीज ऑक्सीजन, जबकि 100 से अधिक मरीज वेंटिलेटर पर थे।

पांच जोन में कोरोना का एक भी केस नहीं आया
राहत की बात यह है कि इस समय कोरोना पॉजिटिविटी रेट 0.025% है, जबकि अप्रैल में पॉजिटिविटी रेट 6 से 8% तक पहुंच गई थी। मनपा के रोज कोरोना के 10000 से 12000 टेस्ट किए जा रहे हैं। सोमवार को शहर के 5 जोनों में तो एक भी केस नहीं आया। इनमें सेंट्रल, कतारगाम, लिंबायत, उधना और अठवा जोन शामिल है। वराछा-ए, वराछा-बी और रांदेर में एक-एक मामला आया। शहर की रिकवरी दर 98.48 फीसदी है।

शहर में सिर्फ 3 नए मरीज मिले: सोमवार को शहर में सिर्फ तीन नए मरीज मिले। इसके अलावा दो मरीज ग्रामीण में मिले। शहर और ग्रामीण को मिलाकर कुल 5 नए मामले सामने आए। अब तक 143465 पॉजिटिव आ चुके हैं। सोमवार को 4 मरीज डिस्चार्ज हुए, जबकि कोई भी मौत नहीं हुई। पिछले 8 दिन से कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। अब तक 141288 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। अब 63 एक्टिव मरीज हैं।