राज्य में बारिश नहीं होने पर भीषण जलसंकट उत्पन्न होने की संभावना है। ऐसे में सरकार ने भी 56 डैम में पीने का पानी 30 सितंबर तक आरक्षित रखकर बाकी का पानी किसानों की फसल बचाने सिंचाई हेतु उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके अलावा नर्मदा डैम से भी राज्य में अगस्त के अंत तक ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। नर्मदा डैम में18 अगस्त की स्थिति 115.69 मीटर की सपाटी तक पानी भरा हुआ है।
जिसमें से 3.49 मिलीयन एफएएफ यानि की 45.50 फीसदी पानी डेड स्टोरेज है, जबकि इस्तेमाल कर सकें ऐसा पानी 0.55 एमएएफ यानि की 11 फीसदी ही बचा है, इसलिए इस बार सिंचाई के पानी में भी कटौती होने के आसार नजर आ रहे है।
जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है: राज्य में अगर और पांच दिन बारिश नहीं होती है तो नर्मदा से जिन डैमों में पानी छोड़ा जाता है वह पानी बंद कर दिया जाएगा और गंभीर जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मध्य प्रदेश में अभी हाइड्रो बिजली उत्पन्न हो रही है।
56 डैम से सिंचाई के लिए 36 हजार 500 एमसीएफटी पानी
17 अगस्त तक की स्थिति नर्मदा डैम में 12 हजार 412 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जिसकी तुलना में नर्मदा डैम से 15 हजार 200 से 15 हजार 792 क्यूसेक तक कैनालों द्वारा पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा डैम से प्रतिदिन उद्योगों को दिया जाने वाला 125 क्यूसेक पानी बंद होना चाहिए। किसानों का कहना है कि सरकार ने प्राथमिकता पीने का पानी और दूसरे स्थान पर सिंचाई को पानी उपलब्ध कराना चाहिए और इसके बाद जरूरत पड़ने पर उद्याेगों को उपलब्ध होने वाला पानी बंद कर इससे खेती को बचाने का प्रयास करना चाहिए।
वर्तमान स्थिति में राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए कुल 36 हजार 500 मिलीयन क्यूबिक फीट पानी देने का निर्णय लिया है। इसमें उत्तर गुजरात को 2 हजार एमसीएफटी, मध्य गुजरात को 12 हजार एमसीएफटी, सौराष्ट्र को 2500 एमसीएफटी तथा दक्षिण गुजरात को 20 हजार एमसीएफटी पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध होगा। 9.5 लाख एकड़ खेती की जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
39 जलाशयों से साढ़े नौ लाख एकड़ में मिलेगा पानी
दक्षिण गुजरात के दमणगंगा, उकाई, जूज, केलिया, काकरापार और गोरधा जलाशयों से पानी उपलब्ध कर 4 लाख 69 हजार 300 एकड़ विस्तार में सिंचाई का आयोजन किया गया है। इसमें से उकाई, काकरापार, दमणगंगा और गोरधा वियर से पानी उपलब्ध किया जा रहा है। इस तरह गुजरात राज्य में बारिश अगर नहीं होने की परिस्थिति में मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण निर्णयानुसार जिन विस्तारों में सिंचाई के पानी की मांग की गई है उन विस्तारों की फसल को बचाने के लिए 39 जलाशयों में से साडे नौ लाख एकड़ विस्तार के लिए पानी उपलब्ध किया जा रहा है।