Varuthini Ekadashi 2023: वरुथिनी एकादशी पर जरुर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा भाग्य का साथ

Varuthini Ekadashi 2023
Varuthini Ekadashi 2023
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Varuthini Ekadashi 2023: सभी एकादशी व्रत का अपना एक विशेष महत्व होता है, कहा जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है और इस साल यह 16 अप्रैल 2023, रविवार के दिन पड़ रही है । कहा जाता है कि पूजा के दिन व्रत कथा अवश्य पढ़नी चाहिए, चलिये जानते हैं वरुथिनी एकादशी व्रत कथा के बारे में ।

वरुथिनी एकादशी व्रत कथा:
पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान श्री कष्ण से युधिष्ठिर ने वरुथिनी एकादशी व्रत कथा के महत्व के बारे में बताने के लिए कहा. तब श्री कृष्ण ने कहा कि जो व्यक्ति इस व्रत को रखता है उसे पुण्य की प्राप्ति होती है. इससे संबंधित कथा है कि नर्मदा नदी के तट पर राजा मांधाता का राज्य था. राजा मांधाता दानी और धर्मात्मा दोनों थे. एक बार जब वह जंगल में तपस्या कर रहे थे तो एक भालू आ गया और उनका पैर चबाने लगा. फिर वह राजा को घसीट कर जंगल के अंदर ले गया, जिसके कारण राजा की तपस्या भंग हो गई और वह घायल हो गए. तब उन्होंने अपने मन में हरि विष्णु का ध्यान किया और अपने प्राणों की रक्षा के लिए प्रार्थना की।

भगवान विष्णु ने उनकी प्रार्थना को स्वीकार कर भालू को प्रकट होकर अपने चक्र से मार गिराया. लेकिन भालू के वार से राजा मांधाता अपंग हो गए. उन्हें काफी दुख हो और कष्टों का सामना करना पड़ा. ऐसे में उन्होंने भगवान विष्णु से शारीरिक और मानसिक पीड़ा को दूर करने का उपाय पूछा. तब भगवान विष्णु ने कहा कि तुम्हारे पुराने कर्मों का फल तुम भोग रहे हो. ऐसे में तुम मथुरा जाकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत रखो और साथ ही मेरे वराह अवतार की पूजा करो. ऐसा करने से दुख दूर होंगे और सभी कष्टों से छुटकारा मिलेगा।