
कोरोना काल में कई लोगों की जिंदगी में बहुत कुछ बदला, और ऐसा ही कुछ हुआ अभिनेता सोनू सूद के साथ भी । जी हां सोनू सूद अपनी किताब को लेकर काफी चर्चा में हैं । और हाल ही में उसी किताब को लेकर एक वेबसाइट से बात भी करते नजर आये। सोनू सूद ने कहा, उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि किसी दिन उनके बारे में कोई किताब भी लिखी जाएगी। साथ ही बातचीत में उन्होनें कहा कि ‘वह अपनी मां को याद कर रहे हैं।
इससे पहले सोनू सूद लोगों के मसीहा के रुप में सामने आये, कई प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए उन्होंने अपना हाथ बढ़ाया, आपको बता दें कि किताब में इन्हें अनुभवों का जिक्र किया गया है। और किताब को नाम दिया गया है ‘आई एम नो मसीहा’।

सोनू सूद ने कहा कि मुझे कभी भी नहीं लगा कि में ऐसा कुछ करुंगा, जिस पर एक किताब मुझ पर लिखी जाएगी, जहां मैं अपने अनुभवों को सांझा कर सकता हूं, उन सभी क्षणों को सांझा कर सकता हूं, जहां मैं दुनिया भर में लाखों लोगों से जुड़ा ।

इतना ही नहीं सोनू सूद ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि “अब मैं सबकुछ कागज के पन्ने पर उतार रहा हूं। मेरी मां, जो एक प्रोफेसर थीं, उन्होंने हमेशा मुझे अपने अनुभवों के बारे में लिखने को कहा है। उनका कहना था कि जब भी आपको कुछ विशेष लगे लिखना चाहिए, क्योंकि वह हमेशा आपके साथ रहेंगी। बहुत सारी चीजें होने के साथ, आप उन अनुभवों को भूल जाते हैं, लेकिन आप हमेशा उन पन्नों के माध्यम से खुद को तरोताजा कर सकते हैं।” आपको बता दें कि सोनू सूद अब फिल्मों में विलेन के किरदार को निभाते नजर नहीं आयेंगे। जी हां उन्होंने कहा कि वो अब फिल्मों में नेगेटिव भूमिका नहीं करेंगे। कोरोना काल में हर किसी की जिंदगी प्रभावित हुई है, ऐसे में सोनू सूद की जिंदगी में भी कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं।