कलेंडर से जुड़े वास्तु टिप्स, देंगे आपकी खुशियों को न्यौता

घड़ी और कलेंडर का प्रयोग हर घर में होता है, साथ ही इसकी उपयोतगिता सामान्य रूप से बनी ही रहती है। घड़ी और कलेंडर हमें समय की गति का ज्ञान कराते ही हैं। आप इस तथ्य से शायद ही परिचित होगें की यदि घर में इन दो वस्तुओं को सही स्थान पर रखा जाए तो यह आपके अच्छे समय को भी न्यौता देने में लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

तो आइए जानते हैं कलेंडर से जुड़े कुछ वास्तु टिप्स-

वास्तु शास्त्र को अगर आज के वर्तमान समय का प्रभावी विज्ञान कहा जाए तो गलत नहीं होगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि आप घर में समय से जुड़ी वस्तुऐं सही स्थान पर रखी जाए तो यह आपके बुरे वक्त को भी खत्म करने में प्रभावी है।

नए साल के आवागमन पर नया कलेंडर घर पर प्रायः लगाया ही जाता है लेकिन आप में से ऐसे कितने लोग हैं जो नए कलेंडर को लगाने के बाद पुराना भी घर में लगाए रखते हैं.. आपको इस बात का पता होना चाहिए कि पुराना कलेंडर बीत गया समय का प्रतीक होता है। इसे आप नए कलेंडर के आते ही घर से हटा दें। नया कलेंडर पुराने समय से अधिक खुशियाँ, शुभ अवसरों, सुख-समृद्धि आपके घर में लाने में कारगर है। पुराने कलेंडर को दीवार पर लगाए रखना वास्तु शास्त्र में शुभ नहीं माना गया है। यह आपके द्वारा स्वयं घर आई प्रगति के अवसरों को ठुकराने का सूचक है। पुराना कलेंडर कहीं ना कहीं आपको पुराने समय तक ही रहने को सीमित कर देता है।

वास्तु के अनुसार कलेंडर को घर में उत्तर, पश्चिम या पूर्व की दीवारों पर लगाना शुभ माना जाता है।

वास्तु के अनुसार कलेंडर में किसी हिंसक जानवर की तस्वीर का होना घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसके स्थान पर आपको देवी-देवताओं की तस्वीरें या प्रकृति की तस्वीरों वाले कलेंडर को घर में जगह देनी चाहिए।

पूर्व दिशा से सूर्य का उदय होता है। यदि आप पूर्व दिशा में उगते सूरज की तस्वीर वाला कलेंडर घर में लगाते हैं तो यह आपकी प्रगति का सूचक होता है।

उत्तर दिशा में कुबेर देवता का वास होता है। यदि आप घर में उत्तर दिशा में प्रकृति की तस्वीरों या दंपति की शादी की तस्वीर वाला कलेंडर लगाते हैं तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दामपत्य जीवन को सकारात्मक गति देने में भी यह लाभकारी है। उत्तर दिशा में कलेंडर लगाने से आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। व सुख-समृद्धि भी घर में बनी रहती है।

वास्तु के अनुसार इस बात का आपको विशेष ध्यान देना चाहिए कि घर में कलेंडर कभी भी दक्षिण दिशा में ना हो। यह आपकी प्रगति का अवरोधक हो सकता है। इसके साथ ही यदि आपके घर में कलेंडर दरवाजे के एकदम सामने हो तो उसे तुरंत हटा दें। वास्तु शास्त्र कहता है कि घर में प्रायः सभी प्रकार की ऊर्जा का प्रवेश दरवाजे से ही होता है जिससे वे ऊर्जाऐं प्रभावित होती हैं। घर में तेज हवा के कारण दरवाजे के सामने लगे कलेंडर के पन्ने उड़ना भी सही नहीं माना गया है।

घर में घड़ी और कलेंडर दोनों ही समय का सूचक हैं आपको इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि ये दोनों ही वस्तुऐं दक्षिण दिशा कभी भूलकर भी नहीं होनी चाहिए।

तो ये थीं कलेंडर से जुड़ी कुछ महतवपूर्ण टिप्स जिन्हें अपना कर आप प्रगति को घर में  आना सुनिश्चित कर सकते हैं।