सावन के तीसरे सोमवार में इस बार नाग पंचमी का शुभ अवसर बन रहा है। सावन के इस पावन महीने जहाँ शिव भक्त विशेष पूजन से अपने आराध्य देव शिव को प्रसन्न कर रहे हैं, वहीं इस क्रम में आज शिव के प्रिय नाग देव के पूजन का भी शुभ अवसर बन रहा है।

शिव के प्रिय नाग के पूजन का यह शुभ अवसर इस बार सावन के सोमवार के दिन बन रहा है, इसलिए खास है। माना जा रहा है ऐसे शुभ योग आज से ठीक 20 साल पहले बना था। नाग देवता के पूजन का शुभ अवसर नाग पंजमी कालसर्प दोष को खत्म करने में भी विशेष महत्व रखता है।

नाग देवता के विशेष पूजन से आप आज के दिन नाग देवता को प्रसन्न कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार कुंडली में राहु औऱ केतू ग्रहों के बीच अन्य सभी ग्रह अगर प्रवेश कर जाएं तो काल सर्प दोष बनता इसी काल सर्प दोष का निवारण करने के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
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तो चलिए बताते हैं आपको नागपंचमी के शुभ अवसर पर नाग देवता के पूजन की विशेष विधीः

20 साल बन रहे इस शुभ योग में आप नागपंचमी पर व्रत अवश्य रखें। माना जाता है कि नागपंचमी पर रखा गया व्रत नाग हत्य़ा के दोष को खत्म कर देता है।
वहीं नागपंचमी के विशेष अवसर पर शिव के मंदिर में ही शिवलिंग पर दूध का अभिषेक करें।
यदि आप नाग देवता को प्रसन्न करने की विशेष इच्छा रखते हैं तो इसके लिए चाँदी के बने नाग-नागिन को शिवलिंग पर भी अर्पित कर सकते हैं।

दूध से शिवलिंग व मूर्तियों का अभिषेक करने के बाद मूर्तियों को जल में प्रवाहित कर सकते हैं।

नागपंचमी में नाग देवता को प्रसन्न करते हुए आप पीपल के वृक्ष के नीचे मिट्टी के बर्तन पर नाग देवता के लिए दूध रख सकते हैं।

नागदेवता के विशेष पूजन से शिवभक्तों को मनोवांछित फल मिलना तय होता है।

बात अगर आज के दिन के शुभ समय की करें तो नाग पूजा का समय आज सुबह 6 बजे से 7 बजकर 37 मिनट तक माना जा रहा है। वहीं दूसरा शुभ समय 9 बजकर 15 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक बन रहा है। नागदेवता की विशेष पूजा के लिए आप हल्दी, धूप, दीप, अगरबत्ती से नागदेवता की पूजा करें और नाग देवता को मीठा भोग लगाऐं।

माना जाता है कि यदि यह विशेष पूजन नाग देव के मंदिर में ही तो नाग देवता शीघ्र प्रसन्न होते हैं, अन्यथा आप किसी शिव मंदिर में भी नाग पूजन को संपन्न कर सकते हैं।

घर मे खुशहाली लाने के लिए विशेष नागपूजन अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।