आज हिंदु धर्म के सबसे बड़े पर्व सावन के महीने का आखिरी सोमवार है। भक्तों का जमावड़ा लगभग आज हर छोटे-बड़े शिव मंदिरों में लगा रहेगा। आज जहाँ हिंदु धर्म के विशेष पर्व का आखिरी दिन हैं वहीं मुस्लिम धर्म में विशेष महत्व वाले बकरीद का भी दिन है।

यानि आज दोनों ही धर्मों का देश में विशेष पर्व का दिन रहेगा। शिव भगवान के महापूजन के लिए मंदिरों को सजाया गया है।

लगभग सभी मंदिर भक्तों की बम-बम भोले की गूंज के लिए तैयार हैं। इसी क्रम में आगरा में राजेश्वर, बल्लकेश्वर और कैलाश महादेव के बाद अंतिम सोमवार के इस पावन अवसर पर पृथ्वीनाथ महादेव के दरबार में शिव भक्तों की आस्था की पुकार सुनाई देगी।

गौरतलब है कि पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर का मेले के इस पावन अवसर पर विशेष महत्व रहता है। रविवार को शुरू हुए इस मेले में भक्तों की भीड़ देश भर से रहेगी। सोमवार यानि आज के दिन ही सुबह 4 चार भगवान शिव के मंदिर के कपाट खोल दिये गए हैं।

भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए शिव भक्त कावड़िये गंगाजल लेकर पहुँचे हैं। आज पूरे दिन मंदिर की शोभा भक्तों के आवागमन और विशेष पूजन से बनी रहेगी। शाम पाँच बजे और रात 8 बजे शिव आरती का समय रहेगा। विशेष महत्व वाले पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में भक्त विशेष पूजा-अर्जना से महादेव को प्रसन्न कर पायेंगे।

वहीं दूसरी ओर हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से रामघाट पर ज्योतिर्लिंग निर्मित पिंडी पर आज दिन में तीन बजे महारुद्राभिषेक किया जाएगा।

आज सावन के आखिरी सोमवार के साथ आने वाली 15 तारीख को सावन का पावन महीना भी समाप्त हो जाएगा। बता दें सावन के इस आखिरी सोमवार में प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। जिसे एक हिंदु मान्यताओं में एक शुभ संयोग माना जाता है।

आज के दिन महादेव के रुद्राभिषेक से भक्तों को मानवांछित फल की प्राप्ति के संपूर्ण योग बन रहे हैं। सावन के इस पावन अवसर पर हर शिव भक्त अपने विशेष पूजन से महादेव को प्रसन्न करना चाहता है। तो चलिए जानते हैं कैसे आप अपने शिव पूजन को विशेष बना सकते हैं-
- सावन के इस आखिर सोमवार में आप शिव भगवान के लिए व्रत रख एक समय का भोजन लेने का प्रण लें।
- आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें
- भगवान शिव के पूजन हेतू दूध, जल, भांग, धतूरा, सफेद फूल, धूप, चंदन इत्यादि पूजन थाली में जरूर रखें।
- शिव मंदिर पहुँच कर शिव जाप करें
- शिव चालीसा व शिव पुराण भी मंदिर में करें। साथ ही सोमवार व्रत की कथा भी पढ़े।
- भगवान भोले नाथ की संपूर्ण आरती के बाद मिठाई चढ़ाएं।
- साथ ही इस बात का विशेष ध्यान दें कि भगवान शिव के पूजन में तुलसी का पत्ता, व शिव भगवान की मूर्ती पर हल्दी का प्रयोग गलती से भी ना करें। शिव पूजन में इन दो चीजों को प्रयोग करना वर्जित माना गया है।
- सावन के इस पावन सोमवार में व्रती नमक खाने से बचें, रात्री भोजन में मीठा ही लें।