
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी के रुप में मनाया जाती है, कहा जाता है कि इस इस एकादशी व्रत से सभीप्रकार के कष्टों से मुक्ति और स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। बता दें कि इस साल अपरा एकादशी 6 जून 2021 को मनाई जाएगी । अगर आप भी अपरा एकादशी को व्रत रखते हैं तो चलिये जान लें कि इस आपको कौन सी कथा सुननी या पढ़नी चाहिये ताकि आपको इस व्रत का फस मिल सके। ताकि आपके जीवन में आ रहीं बाधायें दूर हो सकें, तो चलिये जानते हैं अपरा एकादशी की कथा के बारे में ।
महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था, राजा का छोटा भाई वज्रध्वज बड़े भाई से बैर रखता था, और एक दिन अवसर पाकर उसने राजा की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने राजा को जंगल में एक पीपल के पेड़ के नीचे गाड़ दिया, क्योंकि राजा कि ये अकाल मृत्यु ऋषि थी इस वजह से राजा की आत्मा प्रेत बनकर पीपल पर रहने लगी। रास्ते से जो कोई भी व्यक्ति निकलता आत्मा उसे परेशान करती। एक दिन एक ऋषि उस रास्ते से गुजर रहे थे, जब ऋषि ने प्रेत को देखा तो राजा से प्रेत बनने का कारण पूछा, ऋषि ने पीपल के पेड़ से राजा की प्रेतात्मा को नीचे उतारा और परलोक विद्या का उपदेश दिया. राजा को प्रेत योनी से मुक्ति दिलाने के लिए ऋषि ने स्वयं अपरा एकादशी का व्रत रखा और द्वादशी के दिन व्रत पूरा होने पर व्रत का पुण्य का फल प्रेत को दे दिया। इस व्रत का फल पाकर राजा को प्रेतयोनी से मुक्ती मिल गयी, और राजा स्वर्ग चला गया। अपरा एकादशी पर आप इस कथा को जरुर सुनें ताकि हरि विष्णु आपके जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करके आपके जीवन में खुशियां लायें।
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जय श्री कृष्णा।