साल 1999 की है, पाकिस्तान क्रिकेट टीम भारतीय दौरे पर आई हुई थी, दो टेस्ट मैच की सीरीज खेली जानी थी। भारत को चेन्नई में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 12 रन से करीबी हार मिली थी।भारतीय टीम को पहले टेस्ट मैच में जीतने के लिए चौथी पारी में 271 रन का लक्ष्य मिला था। भारत को शुरुआती झटके लगे थे और फिर सचिन तेंदुलकर एक और जमे रहे। सचिन ने 136 रन की पारी खेली। इसी दौरान जब भारतीय टीम का स्कोर 254 रन था और भारत को जीत के लिए सिर्फ 17 रन बनाने थे तो सचिन तेंदुलकर सकलेन मुश्ताक की गेंद पर वसीम अकरम के हाथों कैच आउट हो गए थे।

इसके बाद भी भारत के हाथ में 3 विकेट थे और रन सिर्फ 17 बनाने थे लेकिन भारत के लास्ट 3 विकेट महज 4 रन के अंतराल में गिर गए थे। नतीजा ये रहा की पाकिस्तान हारा हुआ मैच जीत चुका था और सीरीज में भी पिछड़ चुका था।सचिन तेंदुलकर अब भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुके थे। दूसरा टेस्ट मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेला जाना था जो कि अब अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। भारत ने पाकिस्तान के सामने 420 रनों का लक्ष्य रखा था। अनिल कुंबले की फिरकी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज बेअसर नजर आ रही थी, यही वह मुकाबला था जिसमें अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के विरुद्ध एक ही पारी में 10 विकेट चटकाए थे, जो कि आज तक एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।

इस मैच के दौरान एक दिलचस्प घटना और घटी थी भारत – पाकिस्तान के रोमांचक मैच के दौरान दर्शकों कि नजर मैच से हटकर बलवीर नाम के एक शख्स पर आकर अटक गई थी, दरअसल इसके पीछे का जो कारण है वह ये था कि बलवीर सचिन तेंदुलकर कि तरह दिखते हैं। मैच के दौरान कैमरा बलवीर की तरफ गया तो कॉमेंटेटर सुनील गावस्कर भी उन्हें देखकर हैरान रह गए थे कि सचिन तेंदुलकर दर्शकों के बीच क्या कर रहे हैं? दोबारा कैमरा जब ड्रेसिंग रूम की तरफ गया तो सचिन तेंदुलकर वहीं मौजूद थे, सुनील गावस्कर समझ गए की बलवीर बिल्कुल सचिन तेंदुलकर कि तरह दिखते हैं। गावस्कर से रहा नहीं गया और उन्होंने सिक्युरिटी भेजकर बलवीर को कमेंट्री बॉक्स में बुलाया और कहा कि आप तो बिल्कुल सचिन तेंदुलकर कि तरह दिखते हैं। तब से लेकर अब तक बलवीर पिछले 21 वर्षाें से सचिन के हमशक्ल के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। इतना ही नहीं वह लगभग 22 बार सचिन तेंदुलकर से मिल चुके हैं और उनके साथ टीवी विज्ञापन में भी काम कर चुके हैं, इसके अलावा वह कई तारक मेहता का उल्टा चश्मा, लड़की वाले लड़की वाले – मुंडे वाले मुंडे वाले जैसे टीवी सीरियल, सचिन के डुप्लीकेट बनकर बॉम्बे टू गोवा, फरारी की सवारी, मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं, मोनालिसा जैसी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।


वह जहां भी जाते हैं लोग उन्हें सचिन समझकर घेर लेते हैं और उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मच जाती है। बलवीर को लोग क्रिकेट टूर्नामेंट, इवेंट्स में भी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हैं।बलवीर का जन्म भगत सिंह नगर पंजाब के गांव साहलो गांव में हुआ था। गांव के ही एक सरकारी विद्यालय में ही उन्होंने शिक्षा हासिल की इसके बाद वह 1990 में लुधियाना के एक अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी करने लगे थे। उनके साथियों ने उनसे कहा कि आप सचिन तेंदुलकर की तरह दिखते हो लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि उस वक़्त बलवीर की क्रिकेट में दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन एक बार वो दोस्तों के कहने पर क्रिकेट मैच देखने फिरोज शाह कोटला स्टेडियम मैच देखने चले आए थे।
सोनू पचौरी के बलवीर से विशेष बातचीत के कुछ अंश प्रस्तुत हैं –

प्रश्न -आपको पहली बार कब अहसास हुआ कि आप सचिन तेंदुलकर कि तरह दिखते हैं?
जवाब – जब 1989 में सचिन ने भारत के लिए खेलना शुरू किया था तो 1990 में लोगों ने मुझे कहना शुरू किया था और तब मैं कबड्डी खेलता था। लोग मुझसे कहते थे कि आप सचिन जैसे दिखते हैं तो मैं कहता था कि वो कौन है? मैं क्रिकेट मैच कभी देखता नहीं था, गांव में केवल एक चैनल चलता था डीडी वन तो उस पर मैच आते थे और मुझे क्रिकेट की इतनी जानकारी नहीं थी। उसके बाद लुधियाना में 1992 में डी एम सी हॉस्टिपल में वार्ड बॉय की नौकरी मिली थी। पहले सिर्फ गांव के लोग ही बोलते थे फिर शहर के लोगों ने भी कहना शुरू किया की आप सचिन जैसे दिखते हैं। ऐसे ही साल बीतते गए फिर 1997-98 में कुछ न्यूजपेपर्स और मैगज़ीन में आना शुरू हो गया था लेकिन 1999 में मेरी सबसे ज्यादा फिरोजशाह कोटला स्टेडियम से मेरी सबसे ज्यादा पब्लिसिटी हुई थी।

सवाल – आपकी सचिन तेंदुलकर से पहली मुलाक़ात कब हुई थी और उनका रिएक्शन आपको देखने के बाद कैसा था?
जवाब – सचिन जी से मेरी पहली मुलाक़ात 1999 में हुई थी। जब भारत – पाकिस्तान का टेस्ट मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में खेला जा था था उस दौरान भारतीय टीम ताज होटल में ठहरी हुई थी, तब सचिन जी ने मेरे 5 फोटो अपने साथ लेकर गए अपने घर दिखाने के लिए।
सवाल – सचिन की तरह दिखने के लिए उनके जैसे एक्सप्रेशन देने के लिए, उनके जैसे चलने के लिए कितनी तैयारी करनी पड़ी आपको?
जवाब – उनके जैसा दिखने के लिए मुझे कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी थी क्योंकि भगवान ने मुझे सचिन जैसा ही चेहरा दिया है, तभी तो लोगों ने मुझे बोलना शुरू किया क्योंकि मेरी कद, काठी,पर्सनैलिटी बिल्कुल सचिन जैसी है, पर सचिन जी के बाल घुंगराले थे बस उन बालों को जरूर सचिन जैसा बनाता था। बाकी मेरी मुस्कान और सब चलने का तरीके सब कुदरत की देन है। सचिन जैसा नहीं बना ये ऊपर वाले की ही देन है और मीडिया मुझे आगे लेकर आया।
सवाल – सेलेब्रिटी होने या उनके जैसे दिखने पर आम जिंदगी भी प्रभावित होती है, सचिन तेंदुलकर जैसा दिखने के कारण क्या आपको कभी समस्या का भी सामना करना पड़ा है?
जवाब – उनके जैसा दिखने के कारण मुझे कई बार समस्याओं का भी सामना करना पड़ा था, जब मैं पहली पहली बार चंडीगढ़ मैच देखने गया था लोगों ने सचिन सचिन के नारे लगते हुए खींच – खींचकर मेरे कपड़े फाड़ डाले थे, कोई मेरे ऊपर चढ़ रहा था, कोई फोटो ले रहा था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि ये मेरे साथ क्या हो रहा है?ये सचिन के प्रति लोगों का प्यार ही है जो सब लोग सचिन के साथ फोटो लेना चाहते हैं या उनसे मिलना चाहते हैं। कई बार ट्रेन में भी लोग मुझे सचिन समझ लेते हैं।
सवाल – सचिन के कोच रमाकांत आचरेकर जी से भी मिले, इसके अलावा आप धर्मेन्द्र जी के भी काफी बड़े फैन हैं, उनकी आपसे मिलने के बाद कैसी प्रतिक्रिया थी?


जवाब – मैं जब सचिन के गुरु रामाकांत आचरेकर जी से मिला था तो मुझे देखकर मुस्कुराए बिना नहीं रह पाए थे और उनसे बड़ा प्यार मिला था और धर्मेन्द्र जी का भी मैं बड़ा फैन रहा हूं, पहली बार हमारे गांव में टीवी आया था तब मैंने पहली बार उनकी की फिल्म देखी तभी से मैं उनका फैन हूं, जब मेरा उनसे मिलना हुआ था तो ये मेरे लिए सपने पूरे होने जैसा था। धर्मेन्द्र जी इतने अच्छे इंसान हैं कि जब भी उनके घर गया हूं उन्होंने मुझे प्यार भी दिया है और अपने साथ खाना भी खिलाया है। जैसे मेरे लिए क्रिकेट में सचिन महान हैं उसी तरह बॉलीवुड में धर्म जी महान हैं।
सवाल -आपने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि सचिन तेंदुलकर ने शायद इतने ऑटोग्राफ नहीं दिए होंगे, जितने आपने उनका हमशक्ल होने के कारण दिए हैं, कितना खुशनसीब मानते हो खुद को?

जवाब – ये बात मुझे बहुत अच्छी लगी है, जबसे मैंने सचिन जी का चोला ओढ़ा है, जबसे ना जाने कितने लोगों ने मेरे साथ फोटो खींची हैं या ऑटोग्राफ लिए हैं उतने शायद सचिन जी ने नहीं दिए होंगे क्योंकि वह काफी कम लोगों से मिलते हैं जबकि मैं हमेशा पब्लिक में मिलता हूं, उनकी मेहनत का प्यार मुझे मिलता है और में खुद को बहुत ही खुश किस्मत और भाग्यशाली समझता हूं।
Nice
Wowww…Look alike Sachin…
Research on duplicate sachin…
But he’s look like real.
Great Job Sonu Pachauri bhai for providing this hidden content .. 👍🏻
Nice Interview, detailed and researched. Good Job 👍