मां

Maa Love Poetry
Maa Love Poetry

पेड़ धूप में छायां देते हैं
वैसे हर हाल में छायां देती है मां
मैंने दिनभर में कुछ खाया या नहीं खाया
मेरे चेहरे से बता देती है मां

उसके प्यार करने का अंदाज अलग है
मुस्कुराते हुए अपनी दो उंगलियों से
मेरे गालों को छू लेती है मां

Writer-Kalpana Chauhan