अद्भुत भारत की अद्भुत छटा की खोज आज खींच लाई है हमें मंदिरों के राज्य उड़ीसा में। भारत के हर राज्य की छठा ही निराली है। अनेकता में एकता संजोए यहाँ की ना सिर्फ बोलियाँ भिन्न हैं बल्कि यहाँ की खूबसूरती में प्रकृति के अलग-अलग रंग भी सजते हैं।

देश में सबसे ज्यादा मंदिरों का राज्य उड़ीसा को माना जाता है। अपार श्रद्धा औऱ भक्ति के प्रतीक यहाँ आस्था के अनेकों केंद्र अपनी खूबसूरती के लिए देश भर में प्रसिद्ध है।

प्राचीन सभ्यता को वर्तमान में जीवित रखती प्राचीन ईमारतें, गुफाऐं इतिहास की अनोखी गाथा गाती हैं। भारत का यह खूबसूरत राज्य घूमने के लिए एक अच्छा स्थान हैं। उड़ीसा के बारे यह माना जाता है कि यहाँ देश का केवल एकमात्र ब्रह्मा का मंदिर है। यानि आस्था की धरोहरों का राज्य है उड़ीसा। तो चलिए कराते हैं आपका परिचय आस्था के इस अनोखे केंद्र की खूबसूरती सेः

कोणार्क सूर्य मंदिरः कोणार्क सूर्य मंदिर उड़ीसा का प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ देश ही नहीं विदेशों से भी पर्यटकों की भीड़ मंदिर के दर्शन के लिए आती है। प्रकृति की खूबसूरती बीच आस्था का यह अनूठा स्थल अपने धार्मिक महत्व के लिए मशहूर है। उड़ीसा में जग्गनाथ पुरी से 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित इस केंद्र को यूनेस्को से विश्व धरोहर की ख्याति भी प्राप्त है।

दरिंगबाड़ीः दरिंगबाड़ी को उड़ीसा का कश्मीर कहा जाता है। प्रकृति की खूबसूरती के अद्भुत दृश्यों से सजी पहाड़ी उड़ीसा की खूबसूरती बढ़ाती है। यह एक खूबसूरत हिलस्टेशन है।

जैव-विविधता औऱ घने जंगलों से सजा दरिंगबाड़ी प्रकृति के मनमोहक दृश्यों के लिए मशहूर है।

भितरकानिका राष्ट्रीय उद्यानः भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान उड़ीसा का फेमस राष्ट्रीय उद्यान है। इसके पूर्व में गाहिरमथा बीच स्थित है।

इस पार्क में खारे पानी के मगरमच्छों, भारतीय अजगर की अधिकता है।

धौली गिरीः उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से 8 किलोमीटर दूर धौली गिरी दया नदी के किनारे स्थित है। यह उड़ीसा का फेमस पर्यटन स्थल है।

धौली गिरी के पास एक अन्य पहाड़ी है जिसके शिखर पर चट्टान में अशोक के शीलालेख उत्कीर्ण हैं। यह इतिहास की कहानी बयां करती एक खूबसूरत पहाड़ी है।

उदयगिरी औऱ खंडगिरीः उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर के पास स्थित यह दो पहाड़ियाँ अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं। यहाँ प्रकृति की खूबसूरती के अद्भुत दृश्यों में गुफाओं को देखा जा सकता है।

गुफाओं का निर्माण ही बहुत खूबसूरती से किया गया है। इतिहास की दृष्टि से उड़ीसा का यह स्थान अत्यधिक महत्व रखता है। माना जाता है कि यहाँ कुछ गुफाऐं प्राकृतिक हैं जबकि कुछ गुफाओं का निर्माण जैन साधुओं ने करवाया है।

पुरी बीचः उड़ीसा के शानदार समुद्री तटों में शुमार पुरी बीच उड़ीसा का खूबसूरत पर्यटन स्थल है। पुरी बीच पर रेत कला का महोत्सव भी मनाया जाता है।

यह महोत्सव वार्षिकी होता है यानि साल में एक बार मनाया जाता है। पुरी बीच पर पर्टयकों की भरमार रहती है। इस समुद्री तट को पवित्र माना गया है क्यों कि यह जग्गनाथ पुरी में स्थित है जिसे भारत के चार धामों में से एक माना जाता है।