कल दुनिया भर में विश्व पर्टयन दिवस मनाया गया। हर वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की मेजबानी अलग अलग देशों द्वारा की जाती है। इस बार विश्व पर्यटन दिवस की मेजबानी भारत द्वारा की गयी। इस सुअवसर पर भारत द्वारा विश्व पर्टयन दिवस की थीम ‘टूरिज्म एंड जॉबः अ बेटर फ्यूचर ऑर ऑल’ रखी गयी।

विश्व भर में पर्यटन स्थलों में भारत का नाम हमेशा से टॉप पर रहता है। लाखों की संख्या में विदेशी सैलानी भारत की सांस्कृतिक ऐतिहासिक कलाकृतियों की ओर रुख करते हैं।

देश में स्थित मुगल वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूने ताजमहल की खूबसूरती हो या सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे ऊँची प्रतिमा भारत हर रूप में निखरता है। भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र से आने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा देश की जीडीपी में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विश्व भर में पहाड़ों की वादियों की खूबसूरती को आँखों में सजाने का अहसास भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर देते हैं।

ऐतिहासिक धरोहरों और मुगल वास्तुकला की अनोखी खूबसूरती में बसते जन्नत को देखने के लिए विदेशी सैलानी राजधानी दिल्ली, राजा के राजवाड़े राजस्थान, उत्तर-प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों का रूख करत हैं।

वहीं आस्था की अनोखी झलक भारत के दक्षिणी राज्यों में मिलती है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत की खूबसूरती हर रंग में अपनी छठा बिखेरेती है।

तो चलिए आज बात कर लेते हैं भारत में बसते उस जन्नत की जहाँ की सदाबहार खूबसूरती हर वर्ष लाखों सैलानियों को लुभाती हैः

उत्तराखंड में प्रकृति की खूबसूरती में सजी फूलों की वैलीः प्रकृति की खूबसूरती के अनोखे दृश्य आपको भारत के इस पहाड़ी राज्य में देखने के लिए मिलते हैं।

यहीं प्रकृति की खूबसूरती का अद्भुत नमूना है वैली ऑफ फ्लावर। यहाँ देशी-विदेशी सैलानी प्रकृति की इस खूबसूरती को देखने हर वर्ष लाखों की संख्या में उमड़ते हैं।

नीले आसमान के नीचे रंग-बिरंगे फूलों का यह बागान प्रकृति की अद्भुत छठा बिखेरता है। यदि प्रकृति की खूबसूरती को पास से निहारने का मन हो तो इस स्थान को चुना जा सकता है।

हिमाचल के खूबसूरत स्टेशन में किन्नौर का नाम भी शुमार है। किन्नौर की खूबसूरती यहाँ बसे शाँत वातावरण और प्रकृति की हरियाली से सजती है।

ठंडी वादियों के इस प्रदेश में भी सैलानियों का झुंड उमाड़ता है। ऐतिहासिक मान्यताओं के देवी-देवताओं के मंदिर के साथ यहाँ एक शांत वातावरण की सुखद अनुभूति मिलती है। ऊँचे पहाड़ों के बीच यह स्थान प्रकृति की अद्भुत छठा बिखेरता है।

राजस्थान राज्य राजाओं के बेहतरीन राजवाड़ें का नगमा है। यह पुराने राजाओं के बेहतरीन राजवाड़े आज भी अपनी पुरानी शान के साथ सजते हैं। इतिहास की गहराईयों में झांकने के शौकीन सैलानी राजस्थान राज्य को चुनते हैं।

चित्तोड़गढ़ भारत के शूरवीर राजाओं का राजवाड़ा माना जाता है। यहाँ इतिहास के अनोखे नगमे सजते हैं। चित्तोड़गढ़ की अनोखी खूबसूरती ना सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में ही प्रख्यात है।

गुजरात राज्य विश्व भर में सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यु ऑफ यूनिटी के लिए प्रख्यात है। नर्मदा नदी के किनारे बनी यह हालिया प्रतिमा लाखों सैलानियों को लुभाती है।

राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ भी विदेशी सैलानियों की भरमार रहती है। मुगल वास्तुकला की अद्भुत छठा यहाँ स्थित मकबरों में सजती है। इनमें लोधी गार्डन, हुंमायूं का मकबरा, सफदरजंग का मकबरा, कुतुब मिनार, लाल किला विशेष हैं।
भारत के दक्षिणी राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक की बात करें तो यहाँ के वन्यजीव अभ्यारण सैलानियों का मन मोहते हैं। जिनमें केरल स्थित चिन्नार, वायनाड और तमिलनाडु स्थित अन्नामलाई, मुदुमल्लाई मुख्य हैं। वहीं आस्था के अनोखी धरोहर के रूप में भारत की दक्षिणी राज्य अपनी छठा बिखेरते हैं।