2019 लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी पार्टियों में रैलियों-भाषणों का बिगुल बज गया है। गौरतलब है कि 2019 का यह लोकसभा चुनाव 7 चरणों में संपन्न होगा जिसका पहला चरण 11 अप्रैल को देश के 20 राज्यों में 91 सीटों के लिए तथा दूसरा चरण 18 अप्रैल को 13 राज्यों में 97 सीटों के लिए वोट के रूप में संपूर्ण हो चुका है। तीसरे चरण के चुनाव के लिए भव्य रोज शॉ की तैयारियाँ जोरों-शोरों पर है। आखिरी चरण के चुनाव 19 मई को 8 राज्यों में 59 सीटों के लिए होगें।

देश में सरकार किसकी बनेगी यह तो चुनाव के नतीजे ही बताऐंगे लेकिन लगभग देश भर की सभी पार्टियाँ भाषणों-रैलियों के माध्यम से जनता को लुभाने का हर संभव प्रयास कर रही है। रैलियों-भाषणों में विरोधी पार्टियों पर तीखे बयानों की प्रकिया भी जोरों-शोरों पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुनावी रैलियों के माध्यम से देश की जनता से सीधा संपर्क साधने का हर मुमकिन प्रयास कर रहे हैं। 25 और 26 अप्रैल की यह दो तारीखें बीजेपी के लिए ऐतिहासिक तारीखें लोकसभा चुनाव 2019 के तहत होने वाली हैं। इन दो तारीखों को देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणासी से अपना नामांकन पर्जा भरेंगे और साथ ही एक भव्य रोड शॉ का आयोजन भी नामांकन से पूर्व एक दिन पहले रखा गया है।

वाराणासी से होने वाला यह रोड शॉ बीजेपी के लिए लोकसभा चुनाव 2019 का एक बड़ा मेगा शॉ होने वाला है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में वाराणासी से 24 अप्रैल को अपना नामांकन दर्ज़ करवाया था। इससे पूर्व एक भव्य रोड शॉ भी आयोजित किया गया था। यहीं से 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित की थी इसलिए भी 25 अप्रैल को होने वाला रोड शॉ बीजेपी के लिए एक बड़ी जीत का आगाज़ के रूप में महत्वपूर्ण होने वाला है।

बता दें कि आयोजन की सारी तैयारियाँ कर ली गई हैं जिसके अनुसार 7 किलोमीटर लंबा यह रोड शॉ 25 अप्रैल को 3 बजे दिन में प्रारंभ होकर शाम 6 बजकर 30 मिनट पर दशाश्वमेध घाट पर पूजन के साथ समाप्त होगा। अगले दिन 26 अप्रैल को मोदी अपना नामांकन दर्ज करवाऐंगे।
प्रचार-प्रसार का यह दौर तो चुनाव के आखिर चरणों तक चलता ही रहेगा। देश में किसकी सरकार बनेगी यह बात तो चुनावी नतीजे ही बताऐंगे। इस बात में कोई शक नहीं कि भारतियों ने मोदी को अपने सशक्त नेता के रूप में देखा है।

हाल ही में रूस जैसे विकसित देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। इसके अलावा यूएई और साउथ कोरिया से भी अंतर्राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री मोदी बन गए हैं। जो कि ना कि सिर्फ प्रधानमंत्री बल्कि देश के लिए भी निश्चित ही गर्व की बात होनी चाहिए।

यानि कहा जाए कि प्रधानमंत्री ने अपना डंका देश ही नहीं विदेशों में भी बजाने में कामियाबी हासिल की है, तो गलत नहीं होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पुलवामा घटना का घटना और मोदी सरकार का पाकिस्तान पर दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक करना जैसी बातों ने मोदी को देश भर में सर आँखों पर बिठा लिया था।

वहीं रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाने में मोदी सरकार की नाकामयाबी को भी नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है। मोदी की रोजगार के लिए पकौड़े बेचने वाली बात पर देश का एक बड़ा तबका उनसे नाराज हुआ था। देखना दिलचस्प होगा कि पुलवामा की घटना पर सरकार की जवाबी कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मोदी का सम्मान उन्हें सियासी फायदा दिला पाने में अपनी कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
