
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पितृों को खुश करने के लिए पितृपक्ष के दौरान पितरों को तर्पण या पिंड दान किया जाता है। बता दें कि मन्त्रों का अपना अलग ही महत्व होता है। मंन्त्रों के जाप के अलावा दो सूक्त भी महत्वपूर्ण होते हैं जिनमें पहला है पुरुष सूक्त तथा दूसरा है पितृ सूक्त, और अगर आप इनका किसी कारण से पाठ नहीं कर पा रहे तो आप इन मंत्रों का जप कर सकते हैं। जिनके जाप से आप अपने पितृ को खुश कर सकते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
1. ॐ कुलदेवतायै नम:- 21 बार
2. ॐ कुलदैव्यै नम:- 21 बार
3. ॐ नागदेवतायै नम:- 21 बार
4. ॐ पितृ देवतायै नम:- 108 बार
5. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्.- 1 लाख बार जाप करना चाहिए.
माना जाता है कि इन मन्त्रों का जप करने से पितृ खुश होते हैं, इस दौरान ब्राह्मणों को भोजन के लिए बैठाकर पैर धोएं फिर उन्हें भोजन करवाना चाहिए। साथ ही संकल्प भी लें और ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा,वस्त्रादि दें, ऐसा करने से आपके पितृ खुश होते हैं और आपके ऊपर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहता है।