देश हित में समर्पित एक ग़ज़ल

देश हित में समर्पित  एक ग़ज़ल
Freedom Cafe Scream Slam | UNH Tales
इंसानियत ज़िंदा रहे इंसानियत से प्यार हो
क्यों नफरतों की आग से इंसानियत की हार हो
स्वाधीनता का पर्व है आओ मिलें सबसे गले
अब एकता की राह चल इंसानियत गुलज़ार हो
इस देश की खातिर जियें औ देश हित में जान दें
ग़र मर मिटो तुम इस वतन पर क्यों चमन बेज़ार हो
जब हिंद में होगी मुहब्बत एक दूजे के लिए
तब प्यार की दरिया बहेगी मुश्किलें सब पार हो
“मम्मू” हमारे मुल्क में आज़ाद हर इंसान हो
 फिर एकता की राह चलना क्यों भला दुश्वार हो
ग़ज़लकार-:महेन्द्र सिंह (मम्मू भइया)
प्रयागराज उत्तर प्रदेश

Comments are closed.