
प्रदोष व्रत शिव जी को समर्पित किया जाता है, ये व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। इस बार ये व्रत 2 दिसंबर बृहस्पतिवार को किया जायेगा।कहा जाता है कि प्रदोष व्रत शिव जी को काफी पसंद है। साथ ही कहा जात है कि इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामाना पूरी करते हैं। शास्त्रों के मुताबिक इस व्रत को दो गायों के दान करने के समान पुण्यदायी माना गया है।
जानें व्रत का महत्व:
शास्त्रों के मुताबिक प्रदोष व्रत के दिन महादेव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है, साथ ही मृत्यु के पश्चात् मोक्ष की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से सोया हुआ भाग्य जाग जाता है। इसके अलावा इस व्रत को करने से कुंडली में कमजोर चंद्रमा भी शुभ फल देने लगता है।
मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 2 दिसंबर,गुरुवार को है।
गुरू प्रदोष व्रत तिथि शुरु 02 दिसंबर, सुबह 02 : 05 मिनट से
गुरू प्रदोष व्रत तिथि खत्म: 02 दिसंबर, रात 10:56 मिनट पर