काल भैरव जयंती के मौके पर जरुर पढ़ें ये आरती

Kaal Bhairav
Kaal Bhairav

आज मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। और इस दिन काल भैरव जयंती मनाई जाती है। काल भैरव  को भगवान शिव का  ही अवतार माना जाता हैं।

काल भैरव जयंती के मौके पर भगवान काल भैरव के साथ – साथ भगवान शिव और मां पार्वती की भी पूजा- अर्चना की जाती है।आज के दिन आपको इस आरती को जरूर करना चाहिए , ताकि आपको  काल भैरव का आशीर्वाद मिल सके।

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा।।
 
तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक।
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक।।
 
वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी।
महिमा अमिट तुम्हारी जय जय भयकारी।।
 
तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे।
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे।।

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी।
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी।।
 
पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत।।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत।।
 
बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावें।
कहें धरणीधर नर मनवांछित फल पावें।।