वक़्त के साथ यारी कर ली

Hindi sad poetry
Hindi sad poetry

वक़्त के साथ यारी कर ली
हालातों से रिश्तेदारी कर ली

अब गम मेहमान बनकर आता है,
थोड़ी देर हस बोलकर दरवाजे से वापस चला जाता है
पहले की तरह सताते नहीं हालात, पूरी तरह रिश्तेदारी निभाते हैं
बदलता रहता हूं, ये बात मुझे बताकर चले जाते हैं
वक़्त के साथ यारी कर ली
हालातों से रिश्तेदारी कर ली।।

Writer- Kalpana Chuauhan