वक़्त के साथ यारी कर ली
हालातों से रिश्तेदारी कर ली
अब गम मेहमान बनकर आता है,
थोड़ी देर हस बोलकर दरवाजे से वापस चला जाता है
पहले की तरह सताते नहीं हालात, पूरी तरह रिश्तेदारी निभाते हैं
बदलता रहता हूं, ये बात मुझे बताकर चले जाते हैं
वक़्त के साथ यारी कर ली
हालातों से रिश्तेदारी कर ली।।
Writer- Kalpana Chuauhan