देश की बेटी हिमा का देश को स्वर्णिम सम्मान

यह भारत देश ही है जहाँ बेटियाँ देश का सिर ऊँचा करने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देतीं। अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से जीत की मिसाल बनती देश की बेटियाँ देश को गौरान्वित करती हैं। आखिर यूं ही थोड़ी फिल्मी डॉयलोग देश-भर में फेमस है कि ‘म्हारी छोरियाँ छोरों से कम हैं के?’

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हाल ही में देश की बेटी भारतीय एथलीट हिमा दास ने अपनी प्रतिभा का परचम फैहराया। भारतीय धावक ने रेस में सभी से आगे निकल देश का सम्मान अपनी जीत से सुनिश्चित कर लिया। हिमा द्वारा यह केवल 1 या 2 बार नहीं बल्कि  इसी महीने के भीतर 4 बार किया जा चुका है।

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भारतीय एथलीट हिमा दास ने 15 दिनों के भीतर चौथा स्वर्ण मेडल अपनी प्रतिभा से जीत पाने में बड़ी कामियाबी हासिल की है। महज़ 15 दिनों में चौथा स्वर्ण मेडल अपने नाम कर देश की बेटी ने भारत का नाम रोशन कर दिया है।

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असम राज्य की रहने वाली भारतीय एथलीट हिमा दास ने यह मेडल चेक रिपब्लिक में चल रहे टाबूर एथलेटिक्स मीट में बीते बुधवार यानि 17 जुलाई को जीता। दास ने स्वर्ण पदक के लिए रेस को महज़ 23.25 सेकेंड में पूरा कल लिया।

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जबकि 19 साल की हिमा पिछले तीन स्वर्ण पदक इसी महीने की 4,7 व 13 जुलाई को अलग-अलग अंतर्राष्ट्रीय इवेंटों में 200 मीटर की रेस के दौरान जीत चुकी हैं। हिमा दास ने पहला स्वर्ण पदक 4 जुलाई को पोजनान एथलेटिक्स में जीता था। इस 200 मीटर की रेस को हिमा ने 23.65 सेकेंड में पूरा किया था।

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वहीं दूसरा मेडल हिमा को 7 जुलाई को पौलेंड में कुटेनो एथलेटिक्स में 200 मीटर की ही रेस को 23.97 सेकेंड में पूरा कर मिला था. तीसरा मेडल हिमा ने 13 जुलाई को चेक रिपब्लिक क्लांदो मेमोरियल में रेस को 23.43 सेकंड में पूरा कर अपने नाम किया था। चौथी रेस हिमा की 17 जुलाई को चेक रिपब्लिक में रही। जहाँ भी हिमा ने रेस में प्रथम स्थान पाया। और इस प्रकार हिमा की चौथी जीत भी स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज़ हो गयी।

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भारतीय स्टार धावक हिमा ही नहीं देश के लिए भी उनकी यह जीत खास है। गौरतलब है कि भारत के असम राज्य जिस से कि हिमा आती हैं इन दिनों भारी बाढ़ से पीड़ित है। 33 में से 30 जिले बाढ़ से खासे प्रभावित हैं। वहीं अपने राज्य में बाढ़ पीड़ितों के लिए हिमा ने अपनी सैलरी की आदी रकम दान कर अच्छाई के नए पैमाने सिद्ध किये हैं।

उन्होंने राज्य के लिए राहत कोष में दान करने की अपील भी की। जिसके लिए देश में हर तरफ उन्हें तारीफें मिल रही थीं, वहीं अब अपने स्वर्ण पदक जीतने के साथ हिमा ने पूरे देश को उन पर गर्व करने का एक और मौका दे दिया है।

स्वर्णिम जीत के बाद हिमा ने खुद ट्वीट कर देश भर को अपनी जीत की खुशखबरी दी।