39वें विश्व व्यापार मेले की खूबसूरती झलकियों का आखिरी दिन आज

राजधानी दिल्ली में इन दिनों विश्व व्यापार मेले की धूम है। हजारों की संख्या में मेले की चकाचौंध देखने दूर-दूर से लोगों की भीड़ पहुँच रही है। 14 नवम्बर से चले मेले का दिल्ली के प्रगृति मैदान में आज आखिरी दिन है। आखिरी दिन भी मेले की को देखने ग्राहकों की भीड़ पहुँच रही है।

Image result for 39th trade fair

मेले के आखिरी दिन दुकानदारों को भी अधिक से अधिक उत्पाद बेचे जाने की होड़ बंपर ऑफर देते दिखाई दे रही है। ग्राहकों को लुभाने के लिए आज मेले में अलग-अलग स्टोल्स पर बंपर ऑफर  दिए जा रहे हैं।

Image result for 39th trade fair

मेले के आखिर दिन से पहले दिन तक भी लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दोपहर के बाद से ऑनलाइन टिकटें मिलनी बंद हो गयी थीं। वहीं मेट्रो स्टेशन पर भी टिकट की कोई व्यवस्था नहीं दिखी।

Image result for 39th trade fair

आज आखिरी दिन मेले में कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष झलकियों का भी आनंद आज मेले में पहुँच कर ग्राहकों द्वारा लिया जाएगा।

जहाँ बीते मंगलवार को मेले में पहुँचे दर्शकों की संख्या 42 हजार रही वहीं माना जा रहा है कि आज आखिरी दिन और अधिक दर्शक मेले को देखने पहुँच सकते हैं।

Image result for 39th trade fair up pavelian

भव्य मेले की चकाचौंध में बिक रहा सामान भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। 39 वें व्यापार मेले में यूपी पवेलियन की बात करें तो यहाँ ग्रामीण महिलाओं का हुनर दर्शकों को लुभा रहा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाई गयी लाइटें दर्शक, ग्राहक बन कर घर की सजावट के लिए विशेष खरीद रहे हैं।

Image result for 39th trade fair up pavelian

वहीं मेले की रौनक बढ़ाते हुए ग्राहकों को लुभाने के लिए मेले में कई शिविर कैंप भी लगाऐ गये हैं। ग्राहकों को फ्री स्वास्वथ्य चेकअप की सुविधा भी मेले में उपलब्ध करवाई जा रही है।

मेले में ग्राहकों की विभिन्न खरीददारियों के बीच संस्कृति के रंगे रंगमंच भी ग्राहकों को खास कर लुभा रहे हैं।

Image result for 39th trade fair

भारत की विभिन्न राज्यों के पवेलियन अपनी खास झलकियों से ग्राहकों का मन मोह रहे हैं। गुजरात पवेलियन में ग्राहकों का ध्यान कच्छ का घंटा अपनी मधुर आवाज़ से खींच रहा है। धार्मिक मान्यता के बीच कच्छ के इस घंटे को तांबे पीतल और आयरन से बनाया गया है। घंटों की कीमत भी महज़ 50 रुपये से शुरू होकर 1 हजार रूपये तक है जो विभिन्न ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।

Image result for 39th trade fair gujarat pavilion

विश्व व्यापार मेले की इन विशेष झलकियों में देशी सामान भी विदेशी सामान को बराबरी की टक्कर दे रहा है। बेजोड़ कारीगरी के उत्कृष्ट नमूने मेले की खूबसूरती को बढ़ा रही है। जम्मू राज्य की विशेष शॉलें भी मेले में खूब बिक रही हैं।

Image result for 39th trade fair gujarat pavilion

हाल ही में कश्मीर के पवेलियन में हाथ की कारीगरी का बेहतरीन पशमीना शॉल ने भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सालों की मेहनत से तैयार किया गया शॉल अपनी 3 लाख रूपये की कीमत के साथ मेले में खरीददारी के लिए उपलब्ध है।

Image result for 39th trade fair jammu kashmir pavilion

वहीं झारखंड के पवेलियन में तो हाथ से तैयार की जा रही आदिवासी साड़ी भी ग्राहकों को देखने को मिल रही है। साड़ी की खासियत के विषय में बताया जा रहा है कि साड़ी के किनारों को देख कर पहनने वाली महिला के विषय में उसके विवाहित होने ना होने का भी पता लगाया जा सकता है।

Image result for 39th trade fair

ऐसे ढ़ेरों आकर्षण आज विश्व व्यापार मेले में अपनी खूबसूरती के साथ आखिरी बार ग्राहकों द्वारा देखे जा सकते हैं। आखिरी दिन भी तमाम सुरक्षा इंतज़ामों के बीच मेले में पहुँचने का समय सुबह साढ़े 9 से शाम साढ़े 5 बजे तक का ऱखा गया है।