राजधानी दिल्ली में इन दिनों विश्व व्यापार मेले की धूम है। हजारों की संख्या में मेले की चकाचौंध देखने दूर-दूर से लोगों की भीड़ पहुँच रही है। 14 नवम्बर से चले मेले का दिल्ली के प्रगृति मैदान में आज आखिरी दिन है। आखिरी दिन भी मेले की को देखने ग्राहकों की भीड़ पहुँच रही है।

मेले के आखिरी दिन दुकानदारों को भी अधिक से अधिक उत्पाद बेचे जाने की होड़ बंपर ऑफर देते दिखाई दे रही है। ग्राहकों को लुभाने के लिए आज मेले में अलग-अलग स्टोल्स पर बंपर ऑफर दिए जा रहे हैं।

मेले के आखिर दिन से पहले दिन तक भी लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दोपहर के बाद से ऑनलाइन टिकटें मिलनी बंद हो गयी थीं। वहीं मेट्रो स्टेशन पर भी टिकट की कोई व्यवस्था नहीं दिखी।

आज आखिरी दिन मेले में कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष झलकियों का भी आनंद आज मेले में पहुँच कर ग्राहकों द्वारा लिया जाएगा।
जहाँ बीते मंगलवार को मेले में पहुँचे दर्शकों की संख्या 42 हजार रही वहीं माना जा रहा है कि आज आखिरी दिन और अधिक दर्शक मेले को देखने पहुँच सकते हैं।

भव्य मेले की चकाचौंध में बिक रहा सामान भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। 39 वें व्यापार मेले में यूपी पवेलियन की बात करें तो यहाँ ग्रामीण महिलाओं का हुनर दर्शकों को लुभा रहा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाई गयी लाइटें दर्शक, ग्राहक बन कर घर की सजावट के लिए विशेष खरीद रहे हैं।

वहीं मेले की रौनक बढ़ाते हुए ग्राहकों को लुभाने के लिए मेले में कई शिविर कैंप भी लगाऐ गये हैं। ग्राहकों को फ्री स्वास्वथ्य चेकअप की सुविधा भी मेले में उपलब्ध करवाई जा रही है।
मेले में ग्राहकों की विभिन्न खरीददारियों के बीच संस्कृति के रंगे रंगमंच भी ग्राहकों को खास कर लुभा रहे हैं।

भारत की विभिन्न राज्यों के पवेलियन अपनी खास झलकियों से ग्राहकों का मन मोह रहे हैं। गुजरात पवेलियन में ग्राहकों का ध्यान कच्छ का घंटा अपनी मधुर आवाज़ से खींच रहा है। धार्मिक मान्यता के बीच कच्छ के इस घंटे को तांबे पीतल और आयरन से बनाया गया है। घंटों की कीमत भी महज़ 50 रुपये से शुरू होकर 1 हजार रूपये तक है जो विभिन्न ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।

विश्व व्यापार मेले की इन विशेष झलकियों में देशी सामान भी विदेशी सामान को बराबरी की टक्कर दे रहा है। बेजोड़ कारीगरी के उत्कृष्ट नमूने मेले की खूबसूरती को बढ़ा रही है। जम्मू राज्य की विशेष शॉलें भी मेले में खूब बिक रही हैं।

हाल ही में कश्मीर के पवेलियन में हाथ की कारीगरी का बेहतरीन पशमीना शॉल ने भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सालों की मेहनत से तैयार किया गया शॉल अपनी 3 लाख रूपये की कीमत के साथ मेले में खरीददारी के लिए उपलब्ध है।

वहीं झारखंड के पवेलियन में तो हाथ से तैयार की जा रही आदिवासी साड़ी भी ग्राहकों को देखने को मिल रही है। साड़ी की खासियत के विषय में बताया जा रहा है कि साड़ी के किनारों को देख कर पहनने वाली महिला के विषय में उसके विवाहित होने ना होने का भी पता लगाया जा सकता है।

ऐसे ढ़ेरों आकर्षण आज विश्व व्यापार मेले में अपनी खूबसूरती के साथ आखिरी बार ग्राहकों द्वारा देखे जा सकते हैं। आखिरी दिन भी तमाम सुरक्षा इंतज़ामों के बीच मेले में पहुँचने का समय सुबह साढ़े 9 से शाम साढ़े 5 बजे तक का ऱखा गया है।