धीरू गजेरा की भाजपा में घर वापसी का कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन का कार्यक्रम बन गया। इस शक्ति प्रदर्शन में लोग मास्क और सोशल डिस्टेसिंग को ही भूल गए। धीरू गजेरा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल भी बिना मास्क के नजर आए। धीरू गजेरा वर्ष 1995 से 2007 तक भाजपा में रहे। इस दाैरान वह पार्षद और विधायक भी बने। उसके बाद 2007 में कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस से वह विधायक और सांसद का चुनाव हार गए थे। धीरू गजेरा के भाजपा में वापस आने के माैके पर सीआर पाटिल ने कहा कि इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी।
भाजपा में आने का कोई दबाव नहीं था
गजेरा ने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों का विश्वास जीता है। कांग्रेस में रहते वे उन्हें सबसे झूठा बताते थे। लगातार 4 चुनावों में हार का सामना करने वाले धीरू गजेरा ने अपनी निष्फलता का दोष कांग्रेस पर डाल दिया। गजेरा ने कहा कि कांग्रेस ने उनका समर्थन नहीं किया।
गजेरा को विस चुनाव में मिल सकता है टिकट
चर्चा है कि आगामी विधानसभा में भाजपा की ओर से धीरू गजेरा को मैदान में उतारा जा सकता है। आप की तरफ से उद्यमी महेश सवाणी को वराछा से टिकट मिलना तय माना जा रहा है। उनके खिलाफ गजेरा को उतारा जा सकता है।