राज्य सरकार ने 1947 से गुजरात में चले आ रहे किराएदारी कानून में संशोधन के प्रयास शुरू कर दिए हैं। किराए पर दी गई प्रॉपर्टी को खाली न करने के सैकड़ों केस अदालतों में लंबित हैं। सरकार ऐसे विवादों को रोकने के लिए केंद्र के आधार पर मॉडल टेनेंसी (किराएदारी) अधिनियम 2021 पेश करने की तैयारी कर रही है। नया कानून 1947 के रेंट, होटल और लॉजिंग हाउस रेट कंट्रोल एक्ट की जगह लेगा। प्रॉपर्टी मालिक और किराएदार के हितों को ध्यान में रखते हुए नया मसौदा तैयार किया गया है।
प्रॉपर्टी किराए पर लेकर खाली नहीं करने और कब्जा करने वाले किराएदारों के खिलाफ मकान मालिकों को सुरक्षा देने का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रदेश में हजारों आवास-प्रॉपर्टी खाली पड़े हैं। कब्जा करने के डर से मकान मालिक किराए पर नहीं दे रहे हैं। सरकार का दावा है कि नया कानून अमल में आने के बाद प्रॉपर्टी किराए पर देने का डर दूर होगा।
केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून की तरह ही होगा
मौजूदा कानून में गृह-संपत्ति मालिकों की कोई सुरक्षा नहीं है। संभावित कानूनी विवाद को रोकने के लिए मकान मालिक प्रॉपर्टी किराए पर नहीं देते हैं। नए कानून में किराए की संपत्ति के बाजार को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रावधान के गठन का प्रावधान है। 1947 के कानून की जगह नए किरायेदारी कानून को लागू करने का निर्णय लिया गया है। अगले विधानसभा सत्र में कानून पेश करने की संभावना है। यह कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून की तरह ही होगा।
किराएदारों के लिए विशेष प्रावधान
नए कानून में प्रॉपर्टी मालिक और किराएदार के बीच करार होना अनिवार्य है। इसमें किराया चुकाने के समय समेत सभी जानकारियां होंगी। किराए की प्रॉपर्टी के नियमन के लिए रेरा के तहत प्राधिकरण का गठन होगा। मकान किराए पर लेने वाले को दो माह का एडवांस और व्यापारिक या औद्योगिक प्रॉपर्टी के लिए 6 महीने के एडवांस किराए का प्रावधान है। नए कानून में किराएदारों के लिए विशेष प्रावधान हैं।
त्रिस्तरीय कानूनी सुविधा का प्रस्ताव
मॉडल अधिनियम में विवाद के मामलों में तीन-स्तरीय कानूनी सुविधा का प्रस्ताव है, जिसमें रेंट अथॉरिटी, रेंट कोर्ट और रेंट ट्रिब्यूनल शामिल होंगे। किराये की संपत्ति के विवाद को दीवानी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है। रेंट कोर्ट और रेंट अथॉरिटी का गठन जिला कलेक्टर करेंगे, जबकि ट्रिब्यूनल का गठन सरकार करेगी। किराएदार किराया न चुकाए या दो महीने से अधिक समय तक भुगतान नहीं करे को खाली करवाने का प्रावधान होगा।