
4 दिसंबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। साथ ही इस दिन शनि अमावस्या भी पड़ने वाली है। शास्त्रों के मुताबिक शनि अमावस्या को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या में लगने वाले सूर्य ग्रहण का काफी महत्व माना गया है। आपको बता दें कि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा जिस वजह से सूतक काल भी नहीं माना जायेगा।
मार्गशीर्ष, कृष्ण अमावस्या
शुरु होने का समय – 04:55 दोपहर दिसम्बर 03
ख़त्म होने का समय – 01:12 दोपहर दिसम्बर 04
सूर्य ग्रहण का समय
सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर की सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा, जो दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर ख़त्म होगा।
अमावस्या पर करें ये काम:
इस दिन पंचामृत स्नान, तिल-तेल से शनि देव का अभिषेक करें, साथ ही शनि चालीसा का भी पाठ करें।
एक ही दिन सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या होने की वजह से आपको इस दान करना चाहिये। जो कि आपके लिये काफी शुभ रहेगा।
इस दिन तेल, जूते-चप्पल, लकड़ी का पलंग, छाता, काले कपड़े और उड़द की दाल आदि का दान करने से कुंडली में मौजूद शनि दोष खत्म हो जाता है।
सूर्य ग्रहण के बाद घर में गंगा जल का छिड़कना चाहिए, इसके साथ ही आपको एक बार फिर से नहाना चाहिए। इसके अलावा ग्रहण काल के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी का पत्ता डालना चाहिए ताकि सूर्य ग्रहण का प्रभाव ना पड़े।