
समाजवादी पार्टी के शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात चर्चा में बनी हुई है। खबरों के मानें तो शिवपाल यादव अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं। सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद अटकलें आ रही हैं कि क्या चाचा शिवपाल यादव भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं?
शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ की मुलाकात:
शिवपाल यादव और योगी आदित्यनाथ द्वारा मुलाकात को लेकर अबतक कुछ कहना सही नहीं होगा, लेकिन इस बात की संभावना जताई जा रही है कि शिवपाल यादव भाजपा में शामिल हो सकते हैं। खबरों की मानें तो भाजपा द्वारा उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं जसवंतनगर सीट के खाली होने के बाद शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव को इस सीट से चुनाव लड़ाने की भी खबरे आ रही हैं। शिवपाल यादव विधानसभा चुनाव में बेटे आदित्य के लिए टिकट चाहते थे लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें मना कर दिया।
अखिलेश यादव से शिवपाल यादव की नाराजगी:
शिवपाल सिंह यादव का अगला कदम क्या होगा, इसपर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं, दरअसल जब मुलायम सिंह यादव के हाथ से पार्टी की बागडोर अखिलेश यादव के हाथ में जानें के बाद शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी बनाई। इस विधानसभा चुनाव में राजनीतिक मजबूरियों के कारण वे अखिलेश यादव के साथ आए थे लेकिन सम्मान न मिल पाने की कसक उनके दिल में हमेशा रही है जो हर मौके पर देखने को मिली है। मुलायम सिंह यादव जबतक पार्टी के अध्यक्ष थे तब तक शिवपाल सिंह यादव पार्टी में नंबर 2 की भूमिका में थे लेकिन अखिलेश यादव के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद उनके सम्मान में कमी देखने को मिली और यही मतभेद बाद में मनभेद में बदल गया और उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली।
शिवपाल आजमगढ़ से लड़ सकते हैं चुनाव:
अखिलेश यादव द्वारा आजमगढ़ सीट को खाली किए जाने के बाद 6 महीने के भीतर ही उपचुनाव कराए जाएंगे, ऐसे में चर्चा यह भी है कि भाजपा शिवपाल यादव को इस सीट से उतार सकती है। सपा के लिए यह सीट सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं के बीच शिवपाल सिंह यादव की पकड़ हमेशा से अच्छी रही है। ऐसे में चुनाव परिणाम शिवपाल यादव के हक में आने की उम्मीद है।