
कोरोना काल में बॉलीवुड़ अभिनेता सोनू सूद प्रवासी मजदूरों के लिए मसीहा बनकर सामने आये हैं, लॉकडाउन में सोनू सूद मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुचानें का काम कर रहे हैं। सोनू सूद के काम की आज हर कोई तारीफ कर रहा है, सोशल मीडिया पर लोग सोनू सूद की अपने -अपने अंदाज में तारीफ कर रहे हैं।

आपको बता दें कि सोनू सूद के काम से खुश होकर एक व्यक्ति ने उन्हें सरकार से ‘पद्म विभूषण’ देने की मांग कर दी. एक्टर को पद्म विभूषण देने को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। .

बता दें कि सोनू सूद के काम से खुश हुए व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया. उसने लिखा, ‘इस महामारी संकट में प्रवासी श्रमिकों के लिए मसीहा बने सोनू सूद को पद्म विभूषण के लिए सरकार से मांग करता हूं.’ जिसका जवाब देते हुए सोनू सूद ने लिखा, ‘मेरे द्वारा अपने घर पहुंचने वाले प्रवासी से मिलने वाली हर कॉल मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है. भगवान का शुक्रगुजार हूं कि मुझे ये पुरस्कार हजारों में मिले हैं।

आपको बता दें कि सोनू सूद ने कोराना काल में प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए अपने पैसों से बसें बुक कराकर प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने का काम किया, सोनू सूद हजारों की तादात में लोगों को उनके घर भेज चुके हैं. इस नेक काम के बाद से ही ट्विटर से लेकर हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सोनू सूद की तारीफें की जा रही हैं।

हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सोनू सूद ने कहा ‘जब तक हर एक प्रवासी मजदूर अपने घर नहीं पहुंच जाता अपनी मुहिम को जारी रखूंगा. इसके लिए चाहे कितना भी काम और मेहनत करनी पड़े. अंतिम मजदूर के उसके घर पहुंचने तक चैन से नहीं रह सकता, सोनू सूद ने कहा कि मजदूरों को वापस भेजने में उन्हें सबसे बड़ी परेशानी यह आई कि मजदूरों को कागजी कार्यवाही के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ती है. ऐसे में जो अनपढ़ लोग हैं उनके लिए ये सब करना काफी मुश्किल हो जाता है. सरकार को इस प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिेए।

कोरोना काल में सोनू सूद ने इंसानियत की मिसाल कायम की है, सोनू सूद पर्दे पर भले ही विलेन का किरदार निभाते दिखे हैं, लेकिन असल जिदंगी में वो किसी हीरो से कम नहीं हैं ये हम देख सकते हैं।